दूसरे दौर के चुनाव में फेल हो सकते हैं बीजेपी के चाणक्य, ये है बड़ा कारण

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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 13 राज्यों की 97 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है। दूसरे चरण में जिन राज्यों में मतदान होगा उनमे उत्तर प्रदेश की आठ, तमिलनाडु की 38, कर्नाटक की 14, महाराष्ट्र की 10, असम, बिहार और ओडिशा की पांच-पांच, छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम बंगाल की तीन-तीन, जम्मू कश्मीर की दो और मणिपुर, त्रिपुरा एवं पुडुचेरी की एक-एक सीट शामिल है।

इन 97 सीटों में से 55 सीटें ऐसी हैं जहाँ बीजेपी का जनाधार न के बराबर है और इन 55 सीटों पर पिछले किसी चुनाव में बीजेपी को सफलता नहीं मिली है। इनमे तमिलनाडु की वे 35 सीटें भी शामिल हैं जहाँ बीजेपी कभी चुनाव नहीं जीत पाई है। दूसरे चरण में जिन 97 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है इनमे 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 27 सीटों पर जीत मिली थी। इनमे उत्तर प्रदेश की आठ सीटें भी शामिल हैं।

वहीँ जानकारों का कहना है कि 2014 के दूसरे चरण के लोकसभा चुनाव मे बीजेपी ने जिन 27 सीटों पर जीत हासिल की थी 11 सीटें ऐसी हैं जिन पर 70 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था। ऐसे में जानकारों का कहना है कि यदि इन सीटों पर 60 फीसदी या उससे कम मतदान हुआ तो बीजेपी को घाटा हो सकता है।

जानकारों की माने तो दूसरे चरण में छत्तीसगढ़ की तीन सीटों और कर्नाटक की 14 सीटों पर भी लोकसभा चुनाव हो रहा है। इस बार चुनाव में स्थति बदली हुई है। छत्तीसगढ़ में अब कांग्रेस की सरकार है और वहां कांग्रेस का जनाधार बढ़ा है। ऐसे में बीजेपी को डर है कि कहीं उसका गणित न बिगड़ जाए।

ठीक इसी तरह कर्नाटक में भी इस बार हालात पिछले चुनाव जैसे नहीं हैं। इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और जनता दल सेकुलर मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। ज़ाहिर है पिछले चुनाव की तरह बीजेपी को मतों के विभाजन का लाभ नहीं मिल सकेगा और बीजेपी के लिए परिस्थतियाँ कठिन हो सकती हैं।

दूसरे चरण के चुनाव में बीजेपी के अलावा अन्य दलों के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। इनमे मथुरा से बीजेपी उम्मीदवार हेमा मालिनी, फतेहपुर सीकरी से कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर, नेशनल कान्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस नेता एम वीरप्पा मोइली, सदानंद गौड़ा, पी राधाकृष्णन, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, द्रमुक के दयानिधि मारन, ए राजा तथा कनिमोझी शामिल हैं।