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सुसाइड करने वाले CCD के मालिक का आखिरी खत- ‘लंबे समय तक लड़ता रहा, अब हार मानता हूं…’

देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन कंपनी कैफे कॉफी डे (CCD) के संस्थापक और बीजेपी नेता एसएम कृष्णा के दामाद वीजी सिद्धार्थ की लाश मिल गई है. वो कर्नाटक के मंगलुरू के पास से सोमवार शाम लापता हो गए थे. अब पता चला है कि सिद्धार्थ ने नेतरवती नदी में कूदकर जान दे दी है. बताया जा रहा है कि CCD पर 7000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज था. यही कर्जा उनकी खुदकुशी की वजह बना. सोशल मीडिया पर उनकी एक चिट्ठी भी वायरल है, जिसमें वो लिखे थे, ‘उम्मीद करता हूं कि आप मुझे माफ कर देंगे.’

अपने पत्र में CCD के मालिक ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर और सीसीडी परिवार से कहा, 37 साल बाद वह अपनी तमाम कोशिशों के बाद भी एक सही और फायदे वाला बिजनस मॉडल नहीं तैयार कर सके. वीजी सिद्धार्थ ने लिखा, 37 वर्षों के कड़े परिश्रम से अपनी कंपनियों में 30 हजार नौकरियों को सृजित किया. लेकिन अपने तमाम प्रयासों के बावजूद इन कंपनियों को लाभ का बिजनेस बनाने में नाकाम रहे. मुझ पर कर्जदाताओं का बहुत दबाव है. किसी को धोखा देना मकसद कभी नहीं रहा, लेकिन एक उद्यमी के रूप में मैं फेल रहा. उम्‍मीद है कि आप लोग इसको समझेंगे और मुझे माफ कर देंगे.

अपने पत्र में सिद्धार्थ ने कहा, जिन लोगों ने मुझ पर भरोसा किया उन्हें निराश करने के लिए मैं माफी चाहता हूं. मैं लंबे समय से लड़ रहा हूं लेकिन आज मैं हार मानता हूं क्योंकि मैं एक प्राइवेट इक्विटी लेंडर पार्टनर का दबाव नहीं झेल पा रहा हूं, जो मुझपर शेयर वापस खरीदने के लिए दबाव बना रहा है. इसका आधा ट्रांजेक्शन मैं 6 महीने पहले एक दोस्त से बड़ी रकम उधार लेने के बाद पूरा कर चुका हूं. उन्होंने कहा, दूसरे लेंडर भी दबाव बना रहे थे जिस कारण वह हालात के सामने झुक गए.

सिद्धार्थ ने लिखा, मैं सभी गलतियों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हूं. प्रत्येक वित्तीय लेनदेन मेरी जिम्मेदारी है. मेरी टीम, ऑडिटर और वरिष्ठ प्रबंधन मेरे सभी लेन-देन से पूरी तरह से अनजान हैं. कानून को मुझे और केवल मुझे जवाबदेह होना चाहिए. जैसा कि मैंने सभी से इस जानकारी को वापस ले लिया है. मेरा इरादा कभी भी किसी को धोखा देना या गुमराह करने का नहीं था, मैं एक उद्यमी के रूप में विफल रहा हूं. मुझे उम्मीद है कि आप मुझे समझेंगे और माफ कर देंगे. खत के साथ उन्होंने अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा और कीमत भी बताई है. उन्होंने कहा है, उन पर चढ़े कर्ज से ज्यादा कीमत उनकी संपत्तियों की है, जिससे सभी का बकाया चुकाया जा सकता है. मैंने अपनी संपत्ति की सूची और प्रत्येक संपत्ति के अस्थायी मूल्य को संलग्न किया है.

 

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