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नदी में मिली कैफे कॉफी-डे के मालिक की डेड-बॉडी, जानिए क्यों की खुदकुशी ?

चिट्ठी आई थी सामने

कैफे कॉफी-डे के संस्थापक और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद  वीजी सिद्धार्थ (58) का शव आज बुधवार सुबह मेंगलुरु की नेत्रावती नदी से मिला. बता दे वो सोमवार की शाम से लापता थे । उनका एक पत्र भी वायरल हुआ था जो उन्होंने तीन दिन पहले लिखा था। इस खत में सिद्धार्थ ने कंपनी को नुकसान और कर्ज की बात कही है और हर गलती के लिए खुद को जिम्मेदार बताया था।  ड्राइवर ने जानकारी देते हुए बताया कि सिद्धार्थ उलाल शहर में स्थित पुल तक घूमने के लिए आए थे। वहां उन्होंने कार रुकवाई और पैदल ही निकल गए। मैं उनका इंतजार कर रहा था। 90 मिनट तक वापस नहीं आए तो पुलिस को सूचना दी।

आखिरी पत्र में व्यापार से संबंधित मामलों में लाचारी व्यक्त की

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सिद्धार्थ हेगड़े ने निदेशक मंडल और कैफे कॉफी-डे परिवार को संबोधित आखिरी पत्र में व्यापार से संबंधित मामलों में लाचारी व्यक्त की है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि 37 वर्षों की कड़ी मेहनत और मजबूत प्रतिबद्धता के साथ हमारी कंपनियों और उनकी सहायक कंपनियों में 30,000 नौकरियों का सृजन किया गया और कंपनी में स्थापना के बाद से वह बड़े शेयरधारक रहे हैं। मैं अपने कड़े प्रयासों के बावजूद इसको लाभदायक व्यवसाय मॉडल बनाने में विफल रहा।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘मुझे उन सभी लोगों को निराश करने का बहुत अफसोस है, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। मैंने लंबे समय तक लड़ाई लड़ी लेकिन आज मैंने हार मान ली क्योंकि मैं एक से अधिक दबाव नहीं ले सकता था। निजी इक्विटी पार्टनर मुझे शेयर खरीदने के लिए मजबूर करते हैं।
नेत्रावती ब्रिज के पास रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए
उल्लेखनीय है कि सिद्धार्थ हेगड़े सोमवार को अपनी कार को शहर के पास स्थित नेत्रावती ब्रिज के पास खड़ी कर रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। सिद्धार्थ इनोवा कार में दो अन्य लोगों के साथ सफर पर थे। उन्होंने अपने करीबियों से कहा था कि वह सकलेशपुर जाएंगे। रास्ते में उन्होंने ड्राइवर को मेंगलुरु चलने के लिए कहा। जब कार पंपवेल के पास पहुंची तो सिद्धार्थ के साथ आए दो लोग वाहन से उतर गए और चले गए। सिद्धार्थ के आदेश पर चालक ने कार को उल्लाल की ओर मोड़ दिया था।

 

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