महाराष्ट्र के गेम पर महबूबा ने पूछा जो सवाल, उसका क्या जवाब देंगे प्रधानमंत्री ?

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महाराष्ट्र की सियासत में शनिवार सुबह ऐसा उलटफेर हुआ जिसने सबको हैरान कर दिया। बीजेपी ने रातोंरात बाज़ी पलटते हुए एनसीपी विधायक दल के नेता अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बना ली। तड़के 5 बजे राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने राष्ट्रपति शासन हटाया और सुबह करीब आठ बजे राजभवन में देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद और एनसीपी नेता अजित पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्यपाल द्वारा इस तरह चुपचाप शपथ दिलाए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल के इस रवैये को लेकर तीखा तंज़ कसा है। उन्होंने ट्विटर के ज़रिए कहा, “राजभवन फैक्स मशीनों का रहस्य। वे बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार को सुविधा देने के लिए सुबह 5:27 बजे काम करते हुए राष्ट्रपती शासन को रद्द कर देती हैं, लेकिन नवंबर 2018 में तब काम करना बंद कर देती है जब पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने का दावा करती है। नया डिजिटल इंडिया”।

ग़ौरतलब है कि बीजेपी के नेता भी रहे महाराष्ट के राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने शिवसेना और एनसीपी को बहुमत साबित करने के लिए 24 घंटे का समय तक नहीं दिया था। लेकिन जब बीजेपी के गठबंधन वाली सरकार के फ्लोर टेस्ट की बात आई तो इन्होंने बीजेपी को 7 दिन का समय दे दिया।

जो राज्यपाल समय पर चिट्ठी लिखने में आनाकानी कर रहे थे, जो राज्यपाल जल्दबाजी में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर चुके थे, वो सुबह-सुबह उठकर राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश कर देते हैं और दिल्ली में बैठे महामहिम की भी तेज़ी दिखाते हुए तुरंत सिफारिश को मंजूर कर लेते हैं। जिसके बाद महाराष्ट्र में कुछ ही मिनटों के अंदर नई सरकार शपथ ग्रहण कर लेती है।

इस घटना को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का तमाशा बनाना कहा जा रहा है।

खबर स्रोत- बोलता हिंदुस्तान डॉट कॉम