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मोदी के हाथ जोड़ रहा पाकिस्तान, हम पर मत लाइए डुबा देने वाला सैलाब

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से पाकिस्तान में कुछ ज्यादा ही सितम होने लगे है. अब पाक के सिंधु जल आयोग ने कहा है कि ‘भारत ने सतलज नदी में अब तक 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया है, जिससे बाढ़ की आशंका पैदा हो गई है. इसके साथ ही इस्लामाबाद ने सिंधु जल संधि पर भारत के रुख पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि वह संधि में प्राप्त अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सभी विकल्प अपनाएगा’.

पाकिस्तानी जल संसाधन मंत्री फैजल वावडा ने कहा कि संधि के तहत भारत, पाकिस्तान में बाढ़ आने की पूर्व सूचना देने के लिए बाध्य है. लेकिन बार-बार आग्रह करने और याद दिलाने के बावजूद उसने संधि के तहत काम नहीं किया है’. पाकिस्तान जल आयोग के सूत्रों के मुताबिक सोमवार शाम 07:00 बजे पाकिस्तान को प्राप्त आंकड़ों से पता चला है कि भारत ने सतलज नदी में 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया है. साथ ही हेराइक और फिरोजपुर बैराज में एक लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. वहीं सतलज नदी में लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा सकता है’.

फैजल वावडा ने कहा कि ‘सिंधु जल पर पाकिस्तानी आयुक्त ने अपने भारतीय समकक्ष से अंतर्राष्ट्रीय वादा नहीं निभाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है. संधि के तहत भारत से नियमित तौर पर उनके माध्यम से ही संपर्क किया जाता है. साल 1960 की संधि पाकिस्तान तथा भारत के बीच तथा क्षेत्र में शांति का उपाय थी. लेकिन भारत अगर संधि की शर्ते पूरी नहीं करेगा तो संधि पाकिस्तान को न्याय दिलाने के लिए सशक्त है’.

इसी तरह से सिंधु जल पर पाकिस्तान के स्थाई आयुक्त सैयद मेहर अली शाह ने डॉन को बताया कि वह इस मुद्दे पर अपने भारतीय समकक्ष से लगातार बात कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत 4 प्रमुख वचनों बाढ़ संबंधी जानकारी, साल 2014 से लंबित किशनगंगा पनबिजली संयंत्र के दौरे, कुछ वार्षिक बैठकों और नई परियोजनाओं की जानकारी देने- को निभाने में अनिच्छुक है.

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के एक प्रवक्ता ब्रिगेडियर मुख्तार अहमद ने कहा कि ‘भारत ने संबद्ध अधिकारियों को जानकारी दिए बिना सतलज नदी में लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया है. भारत के पंजाब से सतलज नदी से छोड़ा गया पानी पाकिस्तान में किसी भी समय पहुंच सकता है और बाढ़ का कारण बन सकता है’.

 

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