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एग्जिट पोल बनाम ओपिनियन पोल, जानिए कौन होता है ज्यादा सटीक ?

चुनावी मौसम आते ही सर्वे की भरमार लग जाती है. कोई कहता है कि बीजेपी को इतने वोट मिलेंगे तो कोई कहता है कि कांग्रेस को इतने वोट मिलेंगे. इन अलग-अलग सर्वे को मुख्यतः दो भागों में बांटा जाता है. ओपिनियन पोल और एग्जिट पोल.  

क्या होता है ओपिनियन पोल?
चुनाव की घोषणा के बाद होने वाले वो सर्वे जिसमें वोटरों से पूछा जाता है कि आप कौन सी पार्टी को वोट देंगे, वैसे सर्वे को ओपिनियल पोल कहते हैं. इस सर्वे में मुख्य रूप से सैंपल साइज पर जोर होता है. जिसका जितना बड़ा सैंपल साइज होता है, उसके नतीजे उतने सही होने के करीब होते हैं.

क्या होता है एग्जिट पोल?
मतदान के दिन जब वोटर वोट डाल कर निकलता है तो सर्वे करने वाले उससे यह पूछते हैं कि आपने कौन सी पार्टी को वोट दिया है, ऐसे सर्वे को एग्जिट पोल कहते हैं.

कौन होता है ज्यादा सटीक ?

एग्जिट पोल में मतदाताओं के वोट देने के तुरंत बाद उनकी राय जानने की कोशिश की जाती है. सर्वे करने वाले लोग पोलिंग बूथ के बाहर ही ऐसा सर्वे करने करते हैं. वोटर से बातचीत करके उसके मन को टटोलने की कोशिश की जाती है कि आखिर उसने किस प्रत्याशी को मत दिया है. इस दौरान वह किसी कंफ्यूजन में नहीं होता है और लगभग सही-सही राय बता देता है.

जबरि ओपिनियन पोल चुनावी आचार संहिता लगने से पहले किए जाते हैं. इसके बाद से मतदान के दिन तक, कई ऐसे मुद्दे सामने आते हैं जिससे मतदाता अपनी राय बदलने पर मजबूर हो जाता है. जरूरी नहीं होता है कि ओपिनियन पोल के वक्त वो जिस पार्टी को वोट देने की बात कह रहा हो, मतदान के दिन उसी को देकर आए.

इसीलिए ओपिनियन पोल के मुकाबले एग्जिट पोल को ज्यादा सटीक माना जाता है.

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