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फेरों के इंतजार में बैठा रहा दूल्हा, अस्पताल में 6 घंटे होती रही दुल्हन की जांच, जानिए क्या है माजरा

कुछ खबरें ऐसी भी होती हैं, जिन पर यकीन करना जरा मुश्किल भी हो जाता है. अब आप राजस्थान से आई इस खबर को ही ले लीजिए. यहां एक दुल्हन को अपनी शादी के ही दिन खुद को बालिग साबित करने के लिए छह घंटे तक सरकारी अस्पताल में बैठना पड़ा. चौंकाने वाली बात तो ये है कि इस दौरान दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के गांव पहुंच गया. बारात पहुंचने के एक घंटे बाद दुल्हन बालिग साबित हुई. उसके नाबालिग होने की शिकायत के बाद ये सारा मामला बिगड़ा था.

सीकर जिले में रहने वाली लक्ष्मी की बारात आनी थी. रविवार का दिन था. घर में विवाह की तैयारियां अंतिम रूप में थी. लेकिन शादी के दिन किसी व्यक्ति ने प्रशासन से बाल विवाह की शिकायत कर दी. पुलिस-प्रशासन के अफसर तुरंत मौके पर पहुंच गए. लक्ष्मी के परिजनों से आयु संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन किसी भी तरह का आयु से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने पर प्रशासन बालिका को आयु प्रमाणित करवाने के लिए मेडिकल मुआयना करवाने सरकारी अस्पताल साथ लेकर आ गए.

उधर गांव में बारात पहुंचने पर ग्रामीण एक तरफ तो बारातियों के स्वागत में लग गए. दूसरी ओर रतनगढ़ मेडिकल जांच करवाने ले गए दुल्हन का इंतजार करने लगे. लेकिन कहानी में एक और ट्विस्ट आना बाकी था. रविवार का दिन था, इसलिए हॉस्पिटल का स्टाफ बोला कि मेडिकल नहीं हो सकता.

बात नहीं बनने पर नायब तहसीलदार ने जानकारी एसडीएम को दी. एसडीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों को दुल्हन का तुरंत प्रभाव से मेडिकल मुआयना करवाने के निर्देश दिए. उसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और बीकानेर गए अस्पताल के डॉक्टर को वापस रतनगढ़ बुलाया गया. करीब 2.30 बजे वे रतनगढ़ पहुंचे और दुल्हन के मेडिकल मुआयना की कार्रवाई शुरू की, जो शाम चार बजे समाप्त हुई.

 

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