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जेटली को जब रात दो बजे घर से पड़ा भागना, जानिए वो दिलचस्प किस्सा

पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में निधन हो गया है. एम्स ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे बेहद दुख के साथ सूचित कर रहे हैं कि 24 अगस्त को 12 बजकर 7 मिनट पर माननीय सांसद अरुण जेटली अब हमारे बीच में नहीं रहे. अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था. अब बची रह गई हैं उनकी ना भूल सकने वाली यादें और उनसे जुड़े कई दिलचस्प किस्से. ऐसे में हम आपको बता रहे हैं अरुण जेटली की लाइफ की एक बेहद नाटकीय घटना के बारे में.

यह घटना 25 जून, 1975 को रात के दो बजे की है. देश में आपातकाल लगा दिया गया था. सरकार विरोधी नेताओं की गिरफ्तारियां हो रही थीं.अरुण जेटली उन दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य थे. औरएबीवीपी तत्कालीन कांग्रेस सरकार की विरोधी थी.

उस रात जेटली के घर का दरवाजा जोर-जोर से खटखटाया गया. फिर उनके पिता महाराज कृष्ण जेटली किसी से बहस करने लगे. तेज आवाजों से युवा अरुण जेटली की नींद खुली. उन्होंने देखा कि उनके पिता दरवाजे पर खड़े होकर पुलिसवालों से बहस कर रहे थे.

जेटली को समझते देर नहीं लगी कि पुलिस उन्हें पकड़ने आई है. और वो गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले दरवाजे से भाग गए.

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