भारत में दुष्कर्म की घटनाओं से अमेरिका चितित

donald trump sad

वाशिंगटन: दुष्कर्म की बढ़ती घटनाएं भारत की वैश्विक स्तर पर छवि खराब कर रही हैं। अमेरिका ने भी इसको लेकर चिता जताईं है और इसके साथ ही ट्रंप प्रशासन ने एक नईं ट्रैवेल एडवाइजरी भी जारी कर दी है जिसमें भारत आने वाली महिला पर्यंटकों को सतर्व रहने के लिए कहा गया है।

अमेरिका की तरफ से यह नईं ट्रैवेल एडवाजरी 10 जनवरी को जारी की गईं है, जिसमें भारत के साथ पाकिस्तान का भी जिक्र किया गया है। एक से चार लेवल की इस एडवाइजरी में जहां भारत को दूसरे नंबर पर रखा गया है तो वहीं पाकिस्तान को तीसरे नबंर पर रखा गया है। अपनी ट्रैवल एडवाजरी में भारत को दूसरे नंबर पर रखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों से कहा है कि भारत की यात्रा में थोड़ा संभलकर रहें और जम्मू-कश्मीर के अलावा लेह की यात्रा ना करें। साथ ही भारत-पाकिस्तान सीमा के 10 मील के दायरे में भी ना जाएं।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने यह एडवायजरी भारत में अपराध और आतंकवाद को ध्यान में रखते हुए जारी की है। इसमें कहा गया है कि आतंकी और हथियारबंद संगठन पूर्व और मध्य भारत में सािय हैं और खास तौर से ग्रामीण इलाकों में एडवाजरी में आगे कहा गया है कि भारतीय अधिकारी भारत में दुष्कर्म को तेजी से बढ़ता अपराध बताते हैं। एक हिसक अपराध मसलन यौन शोषण अक्सर पर्यंटक स्थलों पर देखा गया है।

ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी महिलाओं को की जारी एडवाइजरी

वहीं आतंकी हमले को लेकर कहा गया है कि आतंकी बिना किसी चेतावनी के पर्यंटक स्थलों, मार्केट, शॉपिग मॉल्स को निशाना बना सकते हैं। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली की सड़कों पर एक गैंगरेप हुआ था और इस गैंगरेप ने देश के मन में मौजूद आंदोलन की चिगारी को आग बनाने का काम किया था। 16 दिसंबर की तारीख को एक तरह से देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाली आपराधिक घटनाओं की राष्ट्रीय समीक्षा का दिन बना दिया गया है।

इस वीभत्स घटना के बाद कानून में कईं कड़े बदलाव भी किए गए, मगर दुष्कर्म की घटनाएं बदस्तूर जारी हैं। एडवाइजरी में पाकिस्तान को लेवल 3 पर रखा गया है। अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए पाकिस्तान जाना एक खतरा भरा कदम बताया है। आपको बता दें कि हाल ही के दिनों में जिस तरह से पाकिस्तान के प्रति अमेरिका का सख्त रुख सामने आया है, इस बीच ट्रैवल एडवाइ़जरी उसके लिए बड़ी चिता का विषय है।

पिछले दिनों अमेरिका ने लगातार कार्रवाईं करते हुए पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी तरह की सैन्य और सुरक्षा मदद पर रोक लगा दी है। हालांकि पाकिस्तान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका के साथ सभी खुफिया और सुरक्षा सहयोग को स्थगित कर दिया है।