तो क्या इस तरह से करें हनुमान जी की पूजा और बाद में नारियल फोड़ दें? जानिए चमत्कारी रहस्य

हनुमान जी की पूजा: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की पूजा का बहुत ज़्यादा महत्व होता है। हर व्यक्ति देवताओं का आशीर्वाद पाने के लिए देवी-देवताओं की पूजा करता है। सभी की चाहत होती है कि वह देवताओं को प्रसन्न करके सुखी जीवन का आशीर्वाद पा सके। लेकिन काम ही लोग भगवान की सही ढंग से पूजा करते हैं। जो लोग देवी-देवताओं की विधि-विधान से पूजा करते हैं, उनसे देवी-देवता हमेशा प्रसन्न रहते हैं। ग़लत तरीक़े से देवी-देवताओं की पूजा करने से व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

आज भी जीवित हैं हनुमान जी:

हिंदू धर्म में वैसे तो सभी देवी-देवताओं को बहुत ही ख़ास माना जाता है। लेकिन कलयुग के के इस समय में हनुमान जी की सबसे ज़्यादा आराधना की जाती है। जानकारी के अनुसार हनुमान की को कलयुग में सबसे जल्दी पुकार सुनने वाला देवता भी माना जाता है। एक कथा के अनुसार एक बार माता सीता ने हनुमान जी को अमरता का वरदान दिया था, इसी वजह से आज भी हनुमान जी जीवित हैं। समय-समय पर हनुमान जी के जीवित रहने के कई प्रमाण मिलते रहे हैं। हालाँकि ऐसा सच में है या नहीं हम इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते हैं।

हनुमान भक्तों को डरने की ज़रूरत नहीं है शनिदेव से:

अगर हनुमान जी की पूजा सही तरीक़े से की जाए तो उन्हें सबसे जल्दी प्रसन्न किया जा सकता है। एक बार अगर हनुमान जी प्रसन्न हो गए तो व्यक्ति के ऊपर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। जिससे व्यक्ति के जीवन में कभी भी कोई परेशानी नहीं आती है। इनके आशीर्वाद से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। जो लोग हनुमान जी के भक्त होते हैं, उन्हें शनिदेव से भी डरने की ज़रूरत नहीं होती है। उन लोगों का शनिदेव कोई भी अनिष्ट नहीं कर पाते हैं। आज हम आपको हनुमान जी का आशीर्वाद पाने के लिए कुछ सरल उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

प्रसन्न करने के लिए अपनाएँ यह उपाय:

*- सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी नज़दीकी हनुमान मंदिर में जाएँ। मंदिर में हनुमान जी की पंचोपचार से पूजा करें। हनुमान जी को चावल अर्पित करें और धूप-दीपक से पूजा करें।

*- हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए चमेली के तेल के साथ सिंदूरी चोला चढ़ाएँ। इसके साथ ही हनुमान जी को लाल चंदन, लाल फूल और लाल रंग के वस्त्र चढ़ाएँ।

*- प्रसन्न करने के सबसे आसान तारिक यह भी है कि नियमित हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए। इसके साथ ही श्रीराम के नाम का 108 बार जाप करे।

*- हनुमान जी के मंत्र “ॐ रमदूताय नमः” का 108 बार जाप करें। हनुमान जी के इस मंत्र का जाप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करें।

*- हनुमान जी को प्रसाद के रूप में गुड और चने अर्पित करें। गेहूँ के आटे और गुड से बने पकवानों से हनुमान जी का भोग लगाएँ।

*- पंचमुखी हनुमान जी का दर्शन करने के बाद उन्हें नारियल अर्पित करें। इसके बाद उनके चरणों में चढ़ाए गए सिंदूर से अपने मस्तक पर टिका लगाएँ।

*- हनुमान जी के सामने ही एक नारियल लेकर अपने सिर दे सात बार वारकर वहीं फोड़ दें, इसके बाद जीवन के दुखों को दूर करने के लिए हनुमान से प्रार्थना करें।