दिल्ली अग्निकांड : जिसकी फैक्ट्री में घुटा 43 लोगों का दम, पुलिस के हत्थे चढ़ा वो शख्स

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दिल्ली के अनाज मंडी में जिस इमारत में आग लगने से 43 लोगों की मौत हो गई उस इमारत के मालिक रेहान और मैनेजर फुरकान को गिरफ्तार कर लिया गया है। रेहान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस हादसे में मरने वाले ज्यादातर लोग मजदूर थे जो सुबह 5 बजे फैक्ट्री में सो रहे थे। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि 43 मौतों का जिम्मेदार कौन है?

दम घुटने से हुई ज्यादातर लोगों की मौत
दिल्ली फायर सर्विस के आग पर काबू पाने के बाद, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स ने गैस डिटेक्टरों से इमारत में खतरनाक गैसों की खोज की। एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि ‘हमने इमारत में कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) पाई। इमारत की तीसरी और चौथी मंजिल धुएं से घिरी हुई थी। सीओ का कंटेंट अधिक था।’ एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडर ने कहा कि उनकी टीम ने पाया कि इमारत में कुछ खिड़कियां सील थीं। ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई।

10-10 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मृतकों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है। सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और सात दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपए का मुआवजा देने का एलान किया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना में बिहार के मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रूपये श्रम विभाग की तरफ से और एक-एक लाख रूपये मुख्यमंत्री राहत कोष से देने की घोषणा की है।

पीएम मोदी ने जताया दुख
घटना पर प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस अध्य सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट किया,  ‘दिल्ली के रानी झांसी रोड पर अनाज मंडी क्षेत्र में आग लगने की घटना बेहद भयानक है। मृतकों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द सेहतमंद होने की कामना करता हूं।’

कांग्रेस-बीजेपी ने ‘आप’ सरकार पर फोड़ा ठीकरा
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ घटनास्थल का दौरा करने वाले दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में बिजली के तार लटक रहे हैं, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद सरकारी एजेंसियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभाष चोपड़ा ने केजरीवाल सरकार और बीजेपी दोनों पर इसकी ठीकरा फोड़ा। चोपड़ा ने कहा, ‘केजरीवाल सरकार इसके लिए जिम्मेदार है। एमसीडी भाजपा के अधीन आती है। इसलिए वे भी समान रूप से इसके लिए जिम्मेदार हैं।’

फैक्ट्री के पास नहीं थी NOC
दिल्ली फायर सर्विस (DSF) के चीफ अतुल गर्ग ने बताया कि डीएसएफ की ओर से बिल्डिंग को  फायर क्लीयरेंस नहीं दिया गया था। एक अन्य अधिकारी ने भी कहा कि फैक्ट्री के पास दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं था। इलाके के तंग होने की वजह से बचाव अभियान में दिक्कत आई और दमकल कर्मी खिड़कियां काट कर इमारत में दाखिल हुए।