दिल्ली चुनाव : इन 13 सीटों पर सबकी नजर, यहीं से बिगड़ सकते हैं सारे समीकरण

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2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में  आप 67 और बीजेपी 3 सीटों पर विजयी रही थी. गौरतलब है कि इस चुनाव में 13 सीटों पर 10 हजार से हार जीत का अंतर रहा था. इन 13 सीटों में से 10 पर आप प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी, जबकि 3 सीटों पर बीजेपी प्रत्याशी विजयी रहे थे. ऐसे में अगर दिल्ली के चुनाव में वोटों का ध्रुवीकरण हुआ तो दर्जन भर विधानसभा सीटों पर समीकरण बदल सकते हैं.

गौरतलब है कि दिल्ली में बीजेपी अपने 21 साल के सत्ता के वनवास को खत्म करने के लिए शाहीन बाग में चल रहे सीएए के खिलाफ प्रोटेस्ट को सबसे बड़ा चुनावी हथियार बना रही है. पाकिस्तान और शरजील इमाम की भी चुनाव एंट्री हो गई है, इन सबके के सहारे ध्रुवीकरण की सियासी बिसात बिछाई जा रही है, जिससे समीकरण बदल सकते हैं.

अरविंद केजरीवाल सरकार के 2 मंत्री कैलाश गहलोत और सत्येंद्र जैन को भी बहुत कम वोटों से जीत मिली थी और बीजेपी की किरण बेदी को मामूली वोट से हार का सामना करना पड़ा था. नजफगढ़ से आप के कैलाश गहलोत महज 1555 वोट से जीत दर्ज किए थे और शकूरबस्ती सीट से आप के सत्येंद्र जैन 3133 मत से जीते थे. वहीं, रोहिणी सीट से बीजेपी के विजेंद्र गुप्ता को 5367 वोटों से जीत मिली थी और दूसरे नंबर पर आप रही थी.

2015 के विधानसभा चुनाव में 5 हजार से जीत हार वाली 5 सीटें थी. इनमें से 4 सीटें आम आदमी पार्टी जीतने में कामयाब रही थी और 1 सीट बीजेपी को मिली थी. कैलाश गहलोत और सत्येंद्र जैन के अलावा लक्ष्मी नगर से आप के नितिन त्यागी 4846 वोट से और कृष्णा नगर सीट से एसके बग्गा 2277 वोट से जीते थे. इन 4 में से 3 सीट पर दूसरे नंबर पर बीजेपी रही थी और 1 सीट पर इनेलो थी.

2015 के विधानसभा चुनाव में 10 हजार से जीत हार वाली 8 विधानसभा सीटें थी. इनमें से 6 सीटें आम आदमी पार्टी ने जीती थी और 2 सीटें बीजेपी को मिली थी. आप ने शालीमार बाग, राजौरी गार्डन, गांधी नगर, विश्वास नगर, शाहदरा और रोहताश नगर सीटें जीती थीं जबकि बीजेपी ने मुस्तफाबाद और घोंडा सीट पर जीत दर्ज की थी. हालांकि, गांधी नगर सीट से जीते आप के विधायक इस दफे बीजेपी का दामन थामकर मैदान में हैं.