ये यूपी है, यहां छेड़छाड़ करने आते हैं मुर्दे !

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आई तो छेड़खानी रोकने के लिए एंटी-रोमियो स्क्वाड बनाया गया. इस स्क्वाड की तो फिलहाल कोई खबर नहीं, लेकिन पुलिस कितनी मुस्तैदी से काम कर रही है, ये बताने के लिए आगरा का ये मामला काफी है. खबर है कि आगरा में पुलिस ने छेड़छाड़ के केस में सात साल पहले मर चुके शख्स को नामजद आरोपी बनाया है.
मामला ताजनगरी के थाना ताजगंज का है. बीते 19 दिसंबर को थाने में तुलसी का चबूतरा निवासी ओंकारी देवी ने अपनी दो बेटियों से छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया.
ओंकारी देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि नौ दिसंबर को उसकी दो नाबालिग बेटियां बाजार से लौट रहीं थी, तभी पड़ोस के राकेश, ईश्वरी प्रसाद, उनके बेटों के साथ पिता राधेलाल ने बेटियों से छेड़छाड़ कर दी. इसके बाद सभी ने घर आकर मारपीट भी की.
थाने में शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो उन्होंने एसएसपी ऑफिस में शिकायत की. इसके बाद ताजगंज थाने में राकेश, उनके भाई ईश्वरी प्रसाद, पप्पू, बेटे गौरव, सौरभ, पत्नी‌ सुनीता, पिता राधेलाल समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया.
पुलिस ने भी शिकायत में जिनके नाम दिए गए थे, वो ज्यों के त्यों अपनी एफआईआर में चढ़ा लिए. मगर हैरत इस बात की है कि इन आरोपियों में से राधेलाल की मौत करीब सात साल पहले ही हो चुकी है. याने जो शख्स इस दुनिया को सात साल पहले छोड़ गया, वो पुलिस डायरी में अब भी जिंदा है और सड़कों पर छेड़छाड़ कर रहा है.