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यादें : अरुण जेटली ने जब संसद में पीएम मोदी से नहीं मिलाया हाथ, ये तस्वीर है गवाह

दिल्ली के एम्स अस्पताल से वो बुरी खबर आ ही गई, जिसकी आशंका से सब परेशान थे. अरुण जेटली नहीं रहे. पूर्व वित्त मंत्री ने दोपहर 12 बजकर 7 मिनट पर आखिरी सांस ली. 67 साल के अरुण जेटली को 9 अगस्त को एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया था. वो काफी समय से बीमार थे. एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर उनका इलाज कर रहे थे. लेकिन आज वो मौत से हार गए. अब बची रह गई हैं उनकी ना भूल सकने वाली यादें और उनसे जुड़े कई दिलचस्प किस्से. ऐसा ही एक किस्सा हम आपको बता रहे हैं. वो लमहा जब जेटली ने पीएम मोदी से हाथ मिलाने से मना कर दिया था.

बात पिछले साल की है. तब जेटली राज्यसभा सांसद थे. तारीख थी 9 अगस्त 2018. देश की संसद में उपसभापति चुनाव होना था. जेटली उन दिनों भी बीमार थे, लेकिन पार्टी के सच्चे सिपाही होने के नाते वो किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन के बाद वोट डालने के लिए तीन महीनों में पहली बार सदन पहुंचे.

जेटली ने राज्यसभा के सभापति के चुनाव में वोट दिया. हरिवंश सिंह की जीत हुई, उसके बाद पीएम मोदी उनकी सीट की तरफ गए और उन्हें गर्मजोशी से हाथ मिलाकर बधाई दी. इसके बाद पीएम ने अपनी सीट की ओर लौटकर बगल में बैठे नेता सदन अरुण जेटली की तरफ हाथ बढ़ाया, लेकिन अरुण जेटली ने मुस्कराते हुए हाथ न मिलाकर हाथ जोड़कर नमस्कार कर लिया. इसके जवाब में पीएम मोदी ने भी मुस्कुराकर नमस्ते के रूप दिया.

दरअसल, किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी के कारण उन्हें अपने को काफी बचाकर रखना था. डॉक्टरों ने सलाह दी थी कि लोगों से कम मिलेजुले. यही कारण था कि वह करीब 3 महीने से घर में ही रहें. इसीलिए राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने पहले ही सदन में चेतावनी दी थी कि कोई भी अरुण जेटली को कोई छूने या उनके करीब जाने की कोशिश न करे. और इसीलिए जेटली ने पीएम से हाथ नहीं मिलाया था.

 

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