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बल्लामार विधायक पर संकट बरक़रार, जमानत याचिका पर सुनवाई करने से कोर्ट ने किया इनकार

आकाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)

निगम अधिकारी की क्रिकेट के बैट से पिटाई करने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र विधायक आकाश विजयवर्गीय को गुरुवार को कोर्ट से मामले में जमानत नहीं मिली। उनकी ज़मानत याचिका का क्षेत्राधिकार नहीं होने से इंदौर कोर्ट ने सुनने से इनकार कर दिया। अब भोपाल की विशेष अदालत में इस मामले में सुनवाई की जाएगी।

विधायक आकाश विजयवर्गीय की जमानत के लिए गुरुवार को इंदौर के विशेष जज बीके द्विवेदी की कोर्ट में आवेदन लगाया गया था। यह मामला जनप्रतिनिधि से जुड़ा के होने के कारण जज के क्षेत्राधिकार से बाहर था, जिससे उनका जमानत आवेदन निरस्त कर दिया गया। अब इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय भोपाल में होगी। इंदौर में गुरुवार को दिनभर चली कानूनी प्रक्रिया के बाद यह फैसला सामने आया।

लोअर कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद विधायक के वकीलों द्वारा सोशन कोर्ट में अपील की गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए डीजे कोर्ट ने मामले को एससी-एसटी के विशेष जज बीके द्विवेदी के यहां स्थानांतरित कर दिया था। इसके पहले पुलिस ने कोर्ट के समक्ष केस डायरी पेश की। निगम ने सेशन कोर्ट में विधायक के खिलाफ ७ पेज की आपत्ति लगाई थी। विधायक के वकीलों ने जमानत के लिए अपनी दलीलें पेश की, निगम की ओर से वकीलों ने इस पर आपत्ति की । अब शुक्रवार को मामले में भोपाल की विशेष अदालत में जमानत के लिए याचिका लगाई जाएगी। जब तक जमानत पर फैसला नहीं आएगा, तब तक आकाश को जेल में ही रहना पड़ेगा।

एक मामले में केस दर्ज कर जेल में ही ली गिरफ्तारी 
आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ एमजी रोड पुलिस ने एक और मामले में केस दर्ज गुरुवार को जेल में ही उनकी गिरफ्तारी ली। दरअसल गत दिनों राजवाड़ा इलाके में बिजली कटौती को लेकर विधायक विजयवर्गीय द्वारा किए गए प्रदर्शन पर पुलिस ने धारा १८८ के तहत केस दर्ज कर लिया है।

विधायक मेंदोला और भाई कल्पेश भी मिलने पहुंचे 

विधायक आकाश विजयवर्गीय के रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार सुबह से ही जेल के बाहर भाजपा समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। यहां पर कमलनाथ सरकार, पुलिस और निगम अधिकारियों के खिलाफ समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। दोपहर में आकाश के छोटे भाई कल्पेश विजयवर्गीय उनसे मिलने जेल पहुंचे। उनसे मिलकर बाहर आए कल्पेश ने कहा कि वे खाना लेकर यहां आए थे। भाई बिल्कुल स्वस्थ्य हैं। उनके अलावा विधायक रमेश मेंदोला और पूर्व विधायक जीतू जिराती आकाश से मिलने जेल पहुंचे। उनसे मिलकर जेल से बाहर आए मेंदोला ने कहा कि यह सब निगम कमिश्नर और कांग्रेस से सांठगांठ के कारण हो रहा है। कहा कि निगमकर्मियों के काम बंद करने पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

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