सेहत

अपने पेशाब के रंग से लगाइये पता, कितने स्वस्थ हैं आप, जानिए कैसे ?

 

हर इंसान के शारीरिक रचना के अनुसार मनुष्य के बॉडी से यूरीन का निष्काशन होना सबसे अहम् माना जाता है। इतना तो हम सभी जानते हैं की हम जो पानी पीते हैं वो हमारे शरीर से पेशाब के रूप में बाहर निकलता है। आपको जानकर अचंभा हो सकता है की अब आप अपने यूरीन के रंग से भी पता लगा सकते हैं की आप कितने स्वस्थ हैं और कितने नहीं। तो आईये जानते हैं की आपके पेशाब का रंग आपके स्वास्थ्य के बारे में क्या कहता है।

शरीर में होने वाली बीमारियों के साथ-साथ पेशाब का रंग भी बदलता है

एक मेडिकल रिसर्च के जरिये ये बात पता चली है की मनुष्य के शरीर में होने वाली विभिन्न बीमारियों के साथ ही मनुष्य के पेशाब का रंग भी बदलता है। पेशाब का सीधा जुड़ाव पेट में होने वाली समस्याओं से भी है। अगर आपका पेट ही ख़राब चल रहा हो तो निश्चित रूप से आपके पेशाब के रंग पर भी उसका असर पड़ेगा और वो पीला तो निश्चित तौर पर होगा।

इसी प्रकार से अन्य बीमारियों के होने की स्थिति में भी पेशाब का रंग बदल जाता है जो की आपके शारीरिक स्थिति के बारे में जानकारी देता है जिसे किसी भी हाल में नकारना नहीं चाहिए क्यूंकि इससे जगाए चलकर और भी कई प्रकार के स्वास्थ सम्बन्धी दिक्ततें आ सकती हैं।

क्या कहता है आपके पेशाब का रंग आपके सेहत के बारे में

अगर किसी व्यक्ति का पेशाब बिलकुल पीला आ रहा हो तो इसका मतलब है की उस व्यक्ति के पेट में पानी की कमी हो रही है। पीला पेशाब तभी आता है जब किसी ने ज्यादा देर तक पानी नहीं पिया हो या फिर शरीर में पानी की कमी हो गयी हो। ऐसी स्थिति में खूब सारा पानी पीना चाहिए और पानी पीना एक ऐसी आदत है जिसे कभी भी इग्नोर नहीं कारण चाहिए क्यूंकि इससे अन्य कई प्रकार के बीमारियां आपको हो सकती है। इसके अतिरिक्त अगर किसी व्यक्ति के पेशाब का रंग गहरा पीला हो तो इसका मतलब है की उस व्यक्ति को लिवर से जुडी कोई समस्या है। ऐसी स्थिति आने पर तुरंत ही किसी नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें अन्यथा परेशानी ज्यादा बढ़ सकती है।

अगर किसी इंसान के पेशाब का रंग सफ़ेद हो तो इसका मतलब है की उस व्यक्ति के किडनी में निश्चित रूप से पथरी है और उसे तुरंत वैगैर समय गवांयें किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर पेशाब का रंग गुलाबी होजाये तो इसका मतलब है की आपने कोई ऐसा पदार्थ खाया होगा जिसका रंग गुलाबी होगा लेकिन अगर ऐसा रोज हो तो इसका मतलब ये भी हो सकता है की आपके शरीर की रक्त कोशिकाएं ख़राब होगयी हो और वो यूरीन के साथ मिक्स हो रही हो। डॉक्टर से मिलना इस समय बेहद अनिवार्य हो जाता है।

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