सर्दी का सितम जारी, रोजी-रोटी के लिए घर से निकलना हुआ मुश्किल

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पटना: सूबे में हाड़ कंपाने वाली ठंड से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। रोजी-रोटी की जुगाड़ के लिए भी घर से निकलना मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि सुबह नौ बजे से पहले रजाई से बाहर निकलने की लोगों को हिम्मत नहीं हो रही। नौकरी करने वाले लोगों को भीषण मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है।

मजदूर वर्ग तो इससे बेहाल दिख रहा है। रिक्शा चालक, ऑटो चालक, सब्जी विक्रेता, हॉकर तथा दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति तो सांप- छछूंदर वाली हो गई है। काम पर निकले तो ठंड मार डालेगी और न निकले तो पेट जीने नहीं देगा। आलम यह है कि सुबह-शाम कोहरे के साथ ठंडक लोगों पर सितम ढाना शुरू कर देती है। खासकर यह ठंड बुजुगरे और बच्चों के लिए तो विशेष रूप से हानिकारक है।

बच्चे तो घरों में कैद होकर रह गए हैं। वहीं, बुजुगरे का मॉर्निग और इवनिंग वॉक अपने घर के आस-पास ही सिमट कर रह गया है। हालांकि इस ठंड में भी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बच्चे कोचिंग जाने को मजबूर हैं। ओल्ड एज होम में बुजुगरे को बांटे कंबलक्ष्नर व्हिल क्लब ऑफ पटना ने इस ठिठुरती ठंड के मद्देनजर बृहस्पतिवार को पाटलिपुत्र स्थित ओल्ड एज होम में बुजुगरे के बीच कंबल का वितरण किया। इस मौके पर क्लब की सदस्य कस्तुरी ने अपनी ओर से ओल्ड एज होम को चावल एवं अन्य अनाज दिया। इस मौके पर संध्या, माला सिंह समेत अन्य लोग भी मौजूद थे।

सूबे में पिछले तीन सप्ताह से जारी हाड़ कंपाने वाली ठंड अपने पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त करने पर आमादा है। बिहार समेत पूरे उत्तरी भारत में इन दिनों भीषण शीतलहर से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। संभवत: यह पहला मौका है जब लगातार तीन सप्ताह से भीषण शीतलहर की स्थिति बनी हुई है। प्रत्येक दिन यहां के अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान के बीच का फासला सिमटता जा रहा है, जिससे सुबह से लेकर शाम तक एक पल के लिए भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। एक दिन पहले राजधानी का अधिकतम तापमान जहां 13.6 डिग्री रहा वहीं बृहस्पतिवार को इसमें दो डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई तथा यह 11.7 डिग्री तक पहुंच गया।

दूसरी ओर, भीषण कुहासा की वजह से दृश्यता पचास मीटर से भी कम पहुंच गई। इससे यातायात व्यवस्था ठप्प होने की स्थिति पैदा हो गई। राजधानी समेत पूरे बिहार में भीषण शीतलहर ने बृहस्पतिवार को अब तक के सारे वर्षो का रिकार्ड तोड़ दिया। इन दिनों जितना न्यूनतम तापमान दर्ज किया जाना चाहिए था, उससे भी कम अधिकतम तापमान दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग, पटना केन्द्र के मुताबिक बृहस्पतिवार को यहां का अधिकतम तापमान 11.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से भी 11 डिग्री सेल्सियस कम है।

आलम यह है कि हाड़ कंपाने वाली तेज ठंडी हवा के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। लगातार पांचवें दिन बृहस्पतिवार को राजधानी में पूरे दिन एक पल के लिए भी न तो धूप निकली और न ही ठंडी हवा की रफ्तार कम हुई। तेज ठंडी हवा की वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में दुबके रहे। दिनभर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा तथा आम दिनों की ठंड में गाड़ियों से पटी रहने वाली सड़कें भी सुनसान दिखीं। कोहरे के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में दृश्यता पचास मीटर से भी कम हो गई। सुबह आठ बजे तक कोहरे की वजह से दस मीटर की दूरी भी स्पष्ट नहीं दिख रही थी।

मौसम पूर्वानुमान में कहा गया है कि अभी एक सप्ताह तक शीतलहर चलेगी तथा कोहरे से भी राहत की उम्मीद नहीं है। सूबे के अन्य शहरों की भी यही स्थिति बनी रही। बृहस्पतिवार को भागलपुर का अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से आठ डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह, गया का अधिकतम तापमान 21.0 तथा न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।