CAA के विरोध से सरकार को कोई फर्क नहीं, इस दिन से देशभर में लागू करने की तैयारी

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नागरिकता संशोधन कानून पर गैर भाजपा शासित राज्यों के विरोध को केंद्र सरकार ने दरकिनार कर दिया है. केंद्र सरकार ने इस मसले पर एक इंच पीछे नहीं हटने का रुख अपनाया है और इसके प्रावधानों को अमल में लागू करने की तैयारी चल रही है. बीते 10 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी गई थी और अब इसके नियम कायदों को अंतिम रूप देकर हर हाल में लागू किया जाएगा. फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में नागरिकता संशोधन कानून को पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा.

संसद के दोनों सदनों द्वारा इस विधेयक को पारित होने के बाद राष्ट्रपति से मंजूरी मिल चुकी है और यह कानून की शक्ल ले चुका है. इसके नियम कायदे कानूनों को अंतिम रूप देकर इसे पूरी तरह से अमल में लाया जाएगा. फरवरी के पहले या दूसरे हफ्ते में इसके नियम कानूनों को जारी कर दिया जाएगा और इसके बाद पूरे देश में एक साथ इसके प्रावधान लागू हो जाएंगे. गृह मंत्रालय नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरी तरह कड़ा रुख अपनाए हुए है और इसके नियम कायदे कानूनों को अंतिम रूप दिया जा रहा है.

केंद्र सरकार इसे असम छोड़कर पूरे राज्य में पूरे देश में लागू करेगी. असम के साथ कुछ विशेष प्रावधान हैं और यही कारण है कि असम में नागरिकता संशोधन कानून को पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सकता. सूत्रों की मानें तो असम के लिए गृह मंत्रालय को अलग नियम कानून बनाने पड़ेंगे क्योंकि यदि वहां नागरिकता संशोधन कानून को पूरी तरह से अन्य राज्यों की तरह लागू कर दिया गया तो बड़ी संख्या में बांग्लादेशी अल्पसंख्यक असम के निवासी बन जाएंगे.

वैसे भी 5 लाख से अधिक बांग्लादेशी अल्पसंख्यक असम से आए हुए हैं जो कि एनआरसी से फिलहाल बाहर हैं. 2014 की मतदाता सूची को आधार बनाकर ऐसे लोग वहां नागरिकता हासिल कर सकते हैं, इसलिए वहां पर विशेष प्रावधान बनाए जाने पर केंद्र सरकार गंभीरता से विचार कर रही है.