राजनीति

लालू की जमानत अर्जी का CBI ने किया विरोध, बताई ऐसी वजह

रांची की बिरसा मुण्डा जेल में बंद आरजेडी सुप्रीमो ने उनकी जमानत याचिका खारिज करने के झारखण्ड उच्च न्यायालय के 10 जनवरी के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है. लेकिन मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई ने लोकसभा चुनावों के मद्देनजर लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका का विरोध किया.

सीबीआई ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ से यादव की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने की अनुमति मांगी थी. जांच ब्यूरो ने कहा कि आरजेडी प्रमुख आसन्न लोकसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं और अपनी जमानत का दुरूपयोग कर सकते हैं.

सीबीआई ने अपने जवाब में कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (यादव) जिस अवधि में अस्पताल में रहे हैं, उन्हें ना सिर्फ सभी सुविधाओं से युक्त विशेष वार्ड की अनुमति दी गई बल्कि वह वहां से आभासी तरीके से अपनी राजनीतिक गतिविधियां चला रहे हैं. यह उनके मुलाकातियों की सूची से स्पष्ट है.’’

एजेंसी ने कहा कि यादव दावा करते हैं कि वह इतने बीमार हैं कि जेल में नहीं रह सकते, लेकिन अचानक वह जमानत पाने के लिए स्वस्थ हो गए हैं.

बता दें कि लालू प्रसाद को नौ सौ करोड़ रूपए से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है. ये मामले 1990 के दशक में, जब झारखण्ड बिहार का हिस्सा था, धोखे से पशुपालन विभाग के खजाने से धन निकालने से संबंधित हैं.

 

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