बंगाल में ममता के ब्राह्मण कार्ड पर बीजेपी का मास्टर स्ट्रोक, बुलाया मुस्लिम सम्मेलन

कोलकाला: गुजरात और हिमाचल में भगवा झंडा लहराने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने मिशन 2019 की तैयारियां शुरू कर दी है. हालांकि उससे पहले इस साल आठ राज्यों में होने वाले चुनाव में भी बीजेपी के सामने कड़ी चुनौती है. लेकिन इस बीच पश्चिम बंगाल में अपना अस्तित्व बनाने को लेकर संंघर्ष कर रही भाजपा का राज्य में बिल्कुल अलग अंदाज देखने को मिला है…

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दरअसल, राज्य में मुस्लिम मतों की सियासी अहमियत को देखते हुए बीजेपी ने कोलकाता के मो. अली पार्क में आज अल्पसंख्यक सम्मेलन आयोजित किया है. सम्मेलन को बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्‍दुल राशिद अंसारी और पश्चिम बंगाल के बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष और वरिष्‍ठ नेता मुकुल राय संबोधित करेंगे.

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30 फीसदी मुस्लिम मतों के लिए घमासान

आपको बता दें कि राज्य में करीब 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, जो राजनीतिक लिहाज से काफी अहम है. ऐसे में राज्य के सभी दल इसे अपने पाले में लाने की कोशिश में जुट गये हैंं. लेफ्ट और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बाद अब बीजेपी भी मुस्लिमों को रिझाने में जुट गई है.

पंचायत चुनावों पर बीेजेपी की नजर

बीजेपी के इस मुस्लिम सम्मेलन को इस साल होने वाले पंचायत चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है. देर से बीजेपी ने महसूस किया है कि वह 30 फीसदी मजबूत मुस्लिम वोटों को लुभाए बिना बंगाल नहीं जीत सकती. पार्टी को अब लग रहा है कि बंगाल की सत्ता हथियानेे के लिए मुस्लिम वोट जरूरी है, लिहाजा इस समुदाय पर पकड़ बनाने के लिए बीजेपी का अल्पसंख्यक मोर्चा पूरी तरह से जुट गया है. बीजेपी ने राज्य में पहला मुस्लिम सम्मेलन नवंबर में किया था और अब दो महीने के भीतर ही दूसरा सम्मेलन हो रहा है.

लेफ्ट-टीएमसी ने मुस्लिमों के लिए कुछ नहीं किया- अब्‍दुल राशिद

बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अब्‍दुल राशिद अंसारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों के मतों के सहारे कांग्रेस और लेफ्ट ने राज किया. वहीं मुसलमानों के बल पर ही अब टीएमसी सत्ता में है. लेकिन इसके बावजूद राज्य में मुस्लिमों की हालत दयनीय हैै. बंगाल में मुस्लिम बेरोजगारी और गरीबी में जीने को मजबूर हैं. बीजेपी सिर्फ नारेबाजी नहीं करती है बल्कि सबका साथ और सबका विकास के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है.

बीजेपी के बहकावेे में नहीं आएंगे मुसलमान- टीएमसी

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री और टीएमसी नेता सदन पांडे ने कहा कि मुसलमान कभी भी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे. क्योंकि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री खुद आरएसएस स्वयंसेवक हैं और उनका एकमात्र एजेंडा देश को धार्मिक और जाति रेखा पर विभाजित करना है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम करती हैं, न कि धार्मिक रेखा पर.

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष अली हुसैन ने कहा कि टीएमसी खुद राज्य में अल्पसंख्यकों के एकमात्र संरक्षक होने का दावा नहीं कर सकती. उन्होंने कहा, पिछले छह वर्षों से टीएमसी ने मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए कुछ भी ठोस नहीं किया है और केवल इमामों को वफादारी देने से समुदाय को मदद नहीं होने वाली है.