बागियों के थोक नामांकन से भाजपा को टेंशन, फुल स्पीड पर मनाने का मिशन

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छत्तीसगढ़ में नगरीय चुनाव को लेकर भाजपा का टिकट नहीं मिलने से नाराज बागी उम्मीदवारों से पार्टी के अधिकारी परेशान हैं । अधिकतर बागी कार्यकर्ताओं ने पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है और नामांकन भी भर चुके हैं। हालात यहां तक पहुंच चुका है कि बागियों को मनाने के लिए रायपुर भाजपा मुख्यालय में शनिवार दोपहर से बैठक चल रही है, लेकिन रात तक कोई खास परिणाम नहीं निकल पाया है। उनको मनाने के लिए कोशिशें तेज कर दी गयी हैं ।

मिली जानकारी के अनुसार, दो दर्जन से ज्यादा बागी चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं, जो भाजपा के उम्मीदवारों की जीत में सबसे बड़ी रुकावट होंगे। यही वजह है कि इसके लिए गठित समिति वोट कटुआ बागियों को मनाने में लगी हुई है। रायपुर में जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल के साथ नौ सदस्यों को ऐसे मामलों को देखने की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें बृजमोहन अग्रवाल, सुनील सोनी, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, श्रीचंद सुंदरानी, सच्चिदानंद उपासने, नंदे साहू और छगन मूंदड़ा शामिल हैं। इसी तरह रायपुर ग्रामीण से जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह टिकरिहा, चंद्रशेखर साहू, श्याम बैस, अशोक बजाज, देवजी भाई पटेल, नवीन मारकंडे, संजय ढीढी समन्वय समिति में हैं ।

संगठन के नेताओं ने बताया कि समन्वय समिति भीतरघात पर नजर रखेगी। इसी तरह अन्य जिलों में भी वरिष्ठ नेताओं को समन्वय समिति में शामिल कर उनके कंधों पर रूठे दावेदारों को मनाने का जिम्मा सौंपा गया है। माना जा रहा है कि अगर बागी उम्मीदवार नामांकन वापसी के लिए तैयार नहीं होते हैं तो इसका सीधा खामियाजा पार्टी को उठाना पड़ेगा और भाजपा को विधानसभा चुनाव के बाद नगर निकाय चुनाव में भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।