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Birthday Special: आखिर क्यों धर्म परिवर्तन कर मुसलमान हुए ए.आर. रहमान

भारत के सबसे चहेते और इकलौते ऑस्कर अवॉर्ड विनर म्यूजिक कम्पोजर ए.आर.रहमान का रविवार (6 जनवरी) को बर्थडे है। ए.आर.रहमान वो नाम है जिन्होंने भारतीय सिनेमा और संगीत का विश्व में लोहा मनवाया है। ए.आर.रहमान ना केवल ऑस्कर अवॉर्ड मिला बल्कि संगीत का प्रतिष्ठित ग्रैमी अवॉर्ड भी मिल चुका है। ए.आर. रहमान 51 साल के हो गए हैं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 6 जनवरी 1966 को जन्मे अल्लाह रक्खा रहमान (ए.आर. रहमान) ने कम उम्र में ही सिंगिंग शुरू कर दी थी। इतना ही नहीं, उन्होंने 6 भाषाओं में 100 से अधिक फिल्मों में साउंडट्रैक और एल्बम लॉन्च किए है। उन्होंने इंटरनेशनल लेवल के माइकल जैक्सन, डिडो, अकॉन, नुसरत फतेह अली खान समेत कई म्यूजिक कलाकार के साथ भी काम कर चुके हैं। ए आर रहमान के जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनके पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन से जुडी कुछ खास बातें।

– ए आर रहमान का जन्म 6 जनवरी 1967 को चेन्नई (तमिलनाडु) में हुआ था। उनके पिता आर के शेखर एक म्यूजिक कम्पोजर थे।

– जब रहमान मात्र 9 साल के थे उस वक्त इनके पिता का देहांत हो गया था और पिता के म्यूजिक उपकरणों को किराए पर दे देकर घर का खर्च चलाया जाता था।

– जन्म के वक्त इनका नाम ‘ए एस दिलीप कुमार’ था, क्योंकि उस जमाने में रहमान के पिता को अभिनेता दिलीप कुमार की फिल्में काफी पसंद थी, फिर 23 साल की उम्र में जब रहमान की बहन की तबीयत बेहद खराब हो गई थी तो पूरे परिवार के साथ रहमान ने अपना धर्म परिवर्तन किया और उनका नाम ‘ए एस दिलीप कुमार’ से ‘ए आर रहमान’ पड़ा, जिसका फुल फॉर्म ‘अल्लाह रखा रहमान’ है।

– बचपन से ही रहमान की-बोर्ड प्ले किया करते थे उस समय अपने बचपन के दोस्त शिव मणि के साथ कई सारे बैंड्स में परफॉर्मेंस दिया करते थे। रहमान ने बाद में पियानो, सिंथेसाईजर, की-बोर्ड और हारमोनियम प्ले करना भी सीखा।

– रहमान को ट्रिन्टी कॉलेज ऑफ म्यूजिक, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अन्ना यूनिवर्सिटी, मिडिलेक्स यूनिवर्सिटी और बर्कले कॉले ऑफ म्यूजिक से डॉक्टरेट की उपाधि भी मिली हुई है। 2009 में उनका नाम टाइम मैगजीन ने दुनिया के टॉप 100 प्रभावित लोगों में भी शामिल किया गया।

– रहमान ने शुरुआती दिनों में ऐड्स और जिंगल्स बनाने शुरू कर दिए थे, साथ ही डॉक्यूमेंट्री के लिए बैकग्राउंड संगीत भी दिया करते थे, उसके बाद मशहूर डायरेक्टर मणि रत्नम ने पहली बार ए आर रहमान को अपनी तमिल फिल्म ‘रोजा’ के गानो में संगीत देने के लिए अप्रोच किया और पहली बार रहमान ने किसी फिल्म के लिए गाने कम्पोज किए। इस फिल्म के लिए रहमान को ‘बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर’ का नेशनल अवार्ड भी दिया गया।

– ‘रोजा’ के बाद ए आर रहमान का नाम सबकी जुबान पर छा गया, उसके बाद ‘बॉम्बे’ और ‘जेंटलमैन’ फिल्मों में भी रहमान ने संगीत दिया। ‘बॉम्बे’ फिल्म के गाने भी तमिल के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी काफी पसंद किए गए। ‘बॉम्बे थीम’ को अलग-अलग अवसरों पर प्रयोग में भी लाया गया। यहां तक की दीपा मेहता की फिल्म ‘फायर’ में भी ‘बॉम्बे थीम’ प्रयोग में लाया गया।
– डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘रंगीला’ से ए आर रहमान ने अपना बॉलीवुड डेब्यूट किया, फिल्म के सारे गाने सुपर डुपर हिट कहलाए। उसके बाद ‘दिल से’ और सुभाष घई की फिल्म ‘ताल’ में भी रहमान ने बेहतरीन संगीत दिया।

– रहमान ने अपना नॉन फिल्मी एल्बम ‘वन्दे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता दिवस की 50वीं सालगिरह पर लॉन्च किया। जिसे काफी सराहा गया।

– रहमान को फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के गाने के लिए विश्व का मशहूर ‘एकेडेमी अवॉर्ड’, बाफ्टा अवॉर्ड और ग्रैमी अवॉर्ड भी मिला। रहमान को भारत सरकार की तरफ से ‘पद्म श्री’ और पद्म भूषण’ सम्मान दिए जा चुके हैं और 4 बार नेशनल अवॉर्ड भी मिले हैं।

– ए आर रहमान ने सायरा बानो से निकाह किया है और उनकी दो बेटियां खतीजा, रहीमा और एक बेटा अमीन हैं।

– साल 2001 में एआर रहमान को ओपेरा और जिसस क्राइस्ट सुपरस्टार के फैंटम कहे जाने वाले म्यूजिक कंपोजर एंड्रू लॉयड वेबर ने अपने गाने में म्यूजिक कम्पोज करने के लिए इनवाइट किया। पहली बार जब उन्होंने ‘बॉम्बे ड्रीम्स’ नाम की गाने को कम्पोज किया तो उन्होंने कभी इस बारे में सोचा भी नहीं था।

– उसके बाद साल 2005  में रहमान ने ‘द लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ के मंच के प्रोडक्शन के लिए स्कोर बनाया। उन्होंने इंटरनेशलन व हॉलीवुड स्तर पर भी ‘द लॉर्ड ऑफ वार’, ‘इनसाइड मैन’, ‘द एक्सिडेंटल हसबैंड’ जैसी फिल्मों के लिए म्यूजिक ट्रैक कम्पोज किया।

– साल 2008 में एआर रहमान को तब विश्व प्रसिद्धी प्राप्त हुए, जब फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ को मिले कुल 8 ऑस्कर अवॉर्ड में 2 अवॉर्ड बेस्ट स्कोर और बेस्ट सॉन्ग के लिए उनके नाम पर मिले। रहमान को 2 ग्रैमी अवॉर्ड, गोल्डन ग्लोब और बाफ्ता समेत कुल 15 पुरस्कार जीत चुके हैं।

-ऑस्कर जीतने के बाद एआर रहमान ने कहा था कि ‘मुझे पूरी जिंदगी में नफरत और प्यार में से किसी एक को चुनना था, मैंने प्यार को चुना और अब मैं यहां हूं।’

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