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पृथ्वी शॉ पर 8 महीने का बैन, जानिए कैसे हुए डोप टेस्ट में फेल

 भारत के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ डोप टेस्ट में फेल हो गए है. टेस्ट में फेल होने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शॉ पर आठ महीने का बैन लगा दिया है. बैन के दौरान शॉ प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में हिस्सा नहीं ले सकेंगे. शॉ का सस्पेंशन 16 मार्च 2019 से 15 नवंबर 2019 मिड नाइट तक लागू रहेगा.

वेस्ट इंडीज के खिलाफ 2018 में दो टेस्ट मैच खेलने वाले 19 वर्षीय शॉ हिप इंजरी से उबर रहे हैं. सैयद मुश्ताक अली टी-20 टूर्नामेंट के दौरान डोपिंग टेस्ट में शॉ को पॉजिटिव पाया गया है. शॉ के साथ, दो अन्य डोमेस्टिक प्लेयर्स – विदर्भ के अक्षय दुलारवार और राजस्थान के दिव्या गजराज ने भी क्रिकेट बोर्ड के एंटी डोपिंग कोड का उल्लंघन किया है. पृथ्वी शॉ ने आरोप को स्वीकार किया है, लेकिन उनका कहना है कि यह उन्होंने अनजाने में किया था. उन्हें उनके चिकित्सक ने एक दवा के सेवन के लिए कहा था, जिसमें यह प्रतिबंधित पदार्थ मिला हुआ था.

बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, ‘मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के साथ रजिस्टर्ड पृथ्वी शॉ को डोपिंग उल्लंघन के लिए निलंबित कर दिया गया है. शॉ ने अनजाने में एक प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया था, जो आमतौर पर कफ सिरप में पाया जाता है.’ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक मैच के दौरान 22 फरवरी 2019 को पृथ्वी शॉ का यूरीन सैंपल लिया गया था. सैंपल में ‘टर्ब्यूटलाइन’ पदार्थ की मात्रा पाई गई है. यह पदार्थ विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) की प्रतिबंधित दवाओं की सूची में शामिल है.’

बता दें कि पृथ्वी शॉ ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक लगाया था. वह पहले ही टेस्ट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के पहले भारतीय बल्लेबाज़ है. जब उन्होंने शतक लगाया था उस वक्त उनकी उम्र 18 साल 329 दिन थी. ये शतक उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगाया था. हालांकि किसी टेस्ट मैच में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड सचिन के नाम है जिन्होंने 17 साल और 112 दिन की उम्र में शतक लगाया था.

 

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