जालिम हुई दिल्ली : दंगाइयों ने दो पत्रकारों को बुरी तरह पीटा, ‘हिंदू’ जानकर जाने दिया जिंदा !

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उत्तर पूर्वी दिल्ली में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) को लेकर भड़की हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को सीएए समर्थकों और सीएए विरोधियों के बीच हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर दस हो गई है। तीसरे दिन भी मौजपुर-बाबरपुर इलाके में सुबह से ही पथराव हो रहा है और जानकारी के मुताबिक, इस इलाके में हालात अभी पूरी तरह तनावपूर्ण बने हुए हैं।

उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगाई लूटपाट और आगजनी कर रहे है साथ ही दोनों तरफ से चल रही गोलीबारी में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए है जिन्हे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इस बीच, समाचार चैनल एनडीटीवी की एक वरिष्ठ संपादक ने मंगलवार को आरोप लगाया है कि दिल्ली में भीड़ ने उनके दो सहयोगियों को बुरी तरह से पीटा।

एनडीटीवी की एग्जीक्यूटिव एडिटर निधि राजदान ने ट्वीट कर बताया कि भीड़ द्वारा उनके दो सहयोगियों को दिल्ली में बुरी तरह से पीटा गया। निधि राजदान के मुताबिक, “अरविंद गुनासेकर (Arvind Gunasekar) और सौरभ शुक्ला (Saurabh Shukla) पर दिल्ली में भीड़ ने हमला कर दिया। उन्होंने मारना तब बंद किया जब उन्होंने देखा कि वो ‘हमारे लोग- हिंदू’ हैं।”

बता दें कि, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को मौजपुर-जाफराबाद समेत कई जगह हिंसा भड़क गई, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल समेत 10 लोगों की मौत हो गई। सीएम अरविंद केजरीवाल ने हिंसा की समीक्षा के लिए गृहमंत्री अमित शाह और एलजी अनिल बैजल से मंगलवार को मुलाकात की।