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गहलोत ही संभालेंगे राहुल की कुर्सी, सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष के ऐलान की औपचारिकता बाकी

लोकसभा चुनाव में हार के बाद से कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर नए चेहरे के नाम की चर्चाओं पर विराम लगने के संकेत मिल रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी की जगह राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है. गहलोत के नाम पर सर्वेसम्मति के बाद मुहर लगा दी गई है. बस औपचारिक ऐलान करना बाकी है. हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि अशोक गहलोत अकेले कांग्रेस अध्यक्ष होंगे या उनकी मदद के लिए कई कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जाएंगे. इस बीच ये बात भी साफ हो गई है कि इस बार गांधी परिवार से कोई अध्यक्ष पद का दावेदार नहीं होगा.

बता दें कि चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी. राहुल आज भी अपने पद से इस्तीफा देने पर अड़े हुए हैं. उन्होंने CWC की मीटिंग में कहा था कि पार्टी जल्द ही दूसरे अध्यक्ष की तलाश शुरु कर दे. राहुल गांधी ने पहले ही साफ कर दिया था कि उनकी जगह पर प्रियंका गांधी के नाम पर भी विचार नहीं किया जाएगा.गौरतलब है कि मोदी सरकार हमेशा से कांग्रेस को वंशवाद के मुद्दे पर घेरा है और चुनावों में इसका फायदा भी उसे मिलता रहा है. ऐसे में राहुल गांधी चाहते हैं कि इस बार पार्टी का अध्यक्ष गैर गांधी परिवार का नेता हो, जिससे यह मुद्दो हमेशा के लिए खत्म हो जाए.

सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी अब बिना किसी पद के पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जाकर मुलाकात करेंगे और मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरुक करेंगे. राहुल बिना किसी जवाबदेही के देशभर में घूमकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलकर संवाद करेंगे. पद नहीं रहने पर सत्ता पक्ष के निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष होंगे न कि राहुल गांधी. इस प्रयोग के साथ राहुल गांधी उन राज्यों के ज्यादा समय दे सकेंगे जहां कांग्रेस जमीन पर खत्म हो चुकी है.

गहलोत के नाम पर सहमति के पीछे कई वजह हैं. गहलोत तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने है. उन्हें संगठन चलाने का पुराना अनुभव रहा है. साल 2017 में गुजरात असेंबली चुनावों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के पीछे उन्हीं का प्रयास माना गया. इसके साथ ही वे पिछड़ी जाति से आते हैं. कांग्रेस को अगर खोया जनाधार वापस पाना है, तो इसी समुदाय से वोट फिर हासिल करने की बड़ी चुनौती है. इसके अलावा  सोनिया और राहुल गांधी से बेहतर रिश्ते हैं और कांग्रेस के अन्य नेताओं से भी उनके समीकरण ठीक हैं. बता दें कि अगर अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष की कमान दी जाती है तो राजस्थान की कमान उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को दी जा सकती है.

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