नोटबंदी जैसे हालात, ATM खाली, वित्त मंत्री ने बताया, कहां गया पैसा

नोटबंदी जैसे हालात, देश में कैश की भारी कमी, ATM के साथ बैंक में भी नहीं हैं पैसे

 देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से चल रही कैश की किल्लत पर मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का बयान आया. वित्त मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा देश में कैश की स्थिति की समीक्षा की गई है.

नई दिल्ली : देश के कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से चल रही कैश की किल्लत पर मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का बयान आया. वित्त मंत्री ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘देश में कैश की स्थिति की समीक्षा की गई है. देश में पर्याप्त मात्रा में कैश मौजूद है, बैंकों में भी कैश उपलब्ध है. कुछ क्षेत्रों में ‘अचानक और असामान्य वृद्धि’ के कारण कुछ समय के लिए कैश की समस्या हुई है. इस स्थिति से ज्ल्द से जल्द निपटने की कोशिश की जा रही है.’

जल्द ही समस्या का समाधान होगा
इससे पहले देश के कई राज्यों में चल रही कैश की किल्लत पर केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा. शुक्ला ने बताया कि केंद्र सरकार और आरबीआई ने एक कमेटी का गठन किया है, जो जल्द ही हल निकाल लेगी. उन्होंने आशंका जताई कि अचानक से कुछ राज्यों में कैश की किल्लत होना बड़ी साजिश की तरफ इशारा करता है. आने वाले 2 से 3 दिन में इस परेशानी से निपट लिया जाएगा.

एक राज्य से दूसरे में ट्रांसफर होगी नकदी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल आरबीआई के पास 1,25,000 करोड़ रुपये की नकदी मौजूद है, लेकिन यह समस्या कुछ असमानता के कारण बनी हुई है. उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों के पास ज्यादा नकदी मौजूद है तो कुछ के पास कम, इसलिए केंद्र सरकार ने राज्यवार समितियों का गठन किया है. उन्होंने बताया कि यह कमेटी एक राज्य से दूसरे राज्य में नकदी ट्रांसफर करेगी.

इन राज्यों में है कैश की किल्लत

गुजरात, बिहार, तेलंगाना और मध्यप्रदेश में नकदी संकट पैदा हो गया है. इस कारण यहां के एटीएम खाली पड़े हैं. जानकारी के अनुसार इन राज्यों में रिजर्व बैंक की ओर से नकदी का प्रवाह घटने के कारण ऐसे हालात बने हैं. एक बैंक अधिकारी के मुताबिक तीनों राज्यों में नकदी की कमी को पूरा करने के लिए तमाम कोशिशें चल रही हैं. सभी राज्यों की सरकारें आरबीआई से संपर्क बनाए हुए हैं, ताकि जल्द से जल्द स्थिति को नियंत्रित किया जा सके.