सेहत

सावधान! आप भी तो ऐसे घर में नहीं रहते हैं…

पुराने समय में गांव हो या शहर, सभी जगह घर खुले-खुले और हवादार होते थे| बड़े-बड़े आंगन में बच्चे खेलते थे और महिलाएं जमावड़ा लगाकर सहेलियों से बातें और अपने काम करती थीं, लेकिन आजकल के घर छोटे-छोटे और बंद-बंद से होते हैं, जहां हवा भी अच्छे से नहीं पहुंचती है|

आधुनिक जीवनशैली के कारण शहरों में बढ़ते फ्लैट कल्चर तेजी से बढ़ रहा है| हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार बंद घरों में रहना या बंद ऑफिस में काम करना आपको आराम के साथ-साथ बीमारियां भी देता है| बंद घरों में रहने की वजह से शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती है और धूप न मिलने से शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है, जो हड्डियों के साथ-साथ पाचन क्रिया को भी प्रभावित करती है|

यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में हुए शोध के अनुसार, विटामिन डी की कमी से डिमेंशिया का खतरा बढ़ता है| विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति को निहारने, ताजी हवा और गुनगुनी धूप लेने से कई बीमारियों से राहत मिलती है| तनाव की समस्या भी दूर हो जाती है|

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