मायानगरी

अनिल कपूर के पास जब नहीं होता था टैक्सी तक का किराया, ये मशहूर मॉडल तब उठाती थी उनका खर्चा

 

बॉलीवुड के मिस्टर इंडिया यानि की अनिल कपूर के पास ईश्वर की दया से आज एक सफल करियर होने के साथ ही साथ एक कुशल परिवार भी है। लेकिन पहले ऐसा नहीं था, अनिल कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुवाती दौड़ में काफी स्ट्रगल किया है, आपको जानकर हैरानी होगी की एक जमाना था जब अनिल कपूर के पास मुंबई में कहीं आने जाने के लिए टैक्सी तक के पैसे नहीं हुआ करते थे।

अपने करियर के शुरुवाती दौड़ में ही अनिल कपूर को इंडिया की एक मशहूर मॉडल सुनीता से प्यार होगया था जिसके बाद की लाइफ ही बदल गयी थी। पहली डेट पर जब सुनीता ने उनसे पुछा की उन्हें मिलने आने के लिए कितना वक़्त लगेगा तो अनिल ने जवाब दिया था की 2 घंटे क्यूंकि उनके पास पैसे नहीं हैं और उन्हें बस से आना पड़ेगा। फिर सुनीता ने उनसे कहा था की वो टैक्सी लेकर आजायें वो पैसे दे देंगी। आईये आपको आगे बताते हैं अनिल और सुनीता की लव स्टोरी के बारे में।

सुनीता से शादी की डेट को अनिल ने दो बार पोस्टपोन

हम जिस सुनीता की बात कर रहे हैं वो और कोई नहीं बल्कि अनिल कपूर की वाइफ सुनीता कपूर हैं जो खुद एक ज़माने में बहुत बड़ी मॉडल हुआ करती थी। अनिल ने सुनीता को जब पहली बार देखा था तो उन्हें पहली ही नजर में सुनीता से प्यार होगया था। इसके बाद अनिल कपूर के कुछ दोस्तों ने सुनीता का नंबर निकलवाकर अनिल को दिया था और बहुत कोशिशों के बाद अनिल की सुनीता से पहली बार मुलाकात हो पायी और उसके बाद बार बार दोनों मिलने लगे थे। अनिल खुद बताते हैं की ये उनका स्ट्रगलिंग पीरियड था इसलिए उनके पास हमेशा पैसे नहीं हुआ करते थे, ऐसे वक़्त में सुनीता उनके काम आती थी एक वही थी जो अनिल के सारे खर्चे उठाती थी।

धीरे-धीरे दोनों के प्यार का मामला शादी तक पंहुचा लेकिन अनिल कपूर के कुछ दोस्तों ने उन्हें ये सलाह दी थी की उन्हें करियर के स्टार्टिंग फेज में इतनी जल्दी नहीं शादी नहीं करनी चाहिए। इस वजह से अनिल कपूर ने सुनीता के साथ एक बार शादी पोस्टपोन किया और फिर दोबारा उन्होनें फिर से जब शादी की डेट पोस्टपोन की तो सुनीता ने इस बात पर आपत्ति जताई। आखिरकार 19 मई 1984 को अनिल कपूर ने सुनीता से शादी कर ली और आज इनके तीन बच्चे हैं सोनम कपूर, रिया कपूर और हर्षवर्धन कपूर।

इस फिल्म से मिलने वाले शाइननिंग अमाउंट से उठाया था शादी का खर्चा

अनिल कपूर ने पहली फिल्म 1983 में “वो सात दिन ” की थी और इसके बाद वो कुछ फिल्मों में छोटी मोटी रोल में दिखाई दिए थे। अनिल कपूर ने एक इंटरव्यू के दौरान खुद ये बताया था की इसी वजह से और दोस्तों के कहने के बाद अनिल ने दो बार सुनीता से शादी का प्लान ड्राप किया था। लेकिन जब उन्होनें सुभाष घई की फिल्म मेरी जंग साइन की तो इसके बाद उन्हें अच्छा खासा फिल्म शाइननिग का अमाउंट मिला था।

इन्ही पैसों को अनिल कपूर ने सुनीता के साथ अपनी शादी पर खर्च किया। शादी के बाद सुनीता ने अनिल कपूर के करियर को ही अपना करियर मान लिया और मॉडलिंग छोड़ घर सँभालने लगी। कुछ समय बाद उन्होनें फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया और फिल्मों के लिए अनिल के कपड़े सुनीता खुद डिज़ाइन करती थीं।

Back to top button