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मरने से पहले ‘रावण’ ने बचाई कइयों की जान, पीछे छोड़ गया बिलखता परिवार, देखिए Video

अमृतसर हादसा : मरते-मरते यूं 'रावण' ने बचाई कइयों की जान, पीछे छोड़ गया विधवा मां, पत्नी और 8 महीने का मासूम

नयी दिल्ली। अमृतसर में रावण दहन देखने के दौरान ट्रेन की चपेट में आकर हुई 60 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में उस शख्स की भी ट्रेन से कटकर मौत हो गई, जो वहां की रामलीला में रावण का किरदार निभाता था। रावण दहन के दौरान रावण का किरदार निभाने वाले दलबीर सिंह पटरी पर ही मौजूद थे। जिस वक्त रावण का पुतला जल रहा था, ठीक उसी वक्त रामलीला में रावण बने दलबीर सिंह पटरी पर मौजूद थे। रावण दहन होने के दौरान ही ट्रेन आई और 60 से ज्यादा लोगों के साथ दलबीर को भी अपनी चपेट में लिया।

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सरकारी नौकरी की मांग

दलबीर की मौत से परिवार सदमे में है। दलबीर की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है। दलबीर सिंह की मां और भाई को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उनके घर का लाडला अब इस दुनिया में नहीं है। दलबीर की मां ने सरकार से नौकरी की मांग की है। दलबीर वर्षों से रामलीला में रावण का रोल निभा रहे थे। कल भी वो घर से ये कहकर जल्दी निकले थे कि उन्हें राम और लक्ष्मण को तैयार करना है। दलबीर के परिवार के मुताबिक हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन ही जिम्मेदार है, जो लोगों को अलर्ट करने में नाकाम रहा। इसे किस्मत का खेल नहीं तो और क्या कहें, रावण दहन वाले दिन ही रावण बने दलबीर मौत के मुंह में समा गए।

कब, कहां और कैसे हुआ हादसा?

ये हादसा अमृतसर और मनावला के बीच फाटक नंबर 27 के पास हुआ. दरअसल, शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे अमृतसर के चौड़ा बाजार स्थित जोड़ा फाटक के रेलवे ट्रैक पर लोग मौजूद थे. पटरियों से महज 200 फीट की दूरी पर पुतला जलाया जा रहा था. इसी दौरान जालंधर से अमृतसर जा रही डीएमयू ट्रेन नंबर 74943 वहां से गुजरी.

ट्रेन की रफ्तार करीब 100 किमी. प्रति घंटा थी. तेज रफ्तार इस ट्रेन ने ट्रैक पर मौजूद लोगों को कुचल दिया और देखते ही देखते 150 मीटर के दायरे में लाशें बिछ गईं. हादसे के बाद अभी तक 60 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की जा चुकी है. जानकारी के मुताबिक 40 शव सिविल अस्पताल में और 19 शव गुरुनानक अस्पताल में रखे गए

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