बंद अल्फाजों में चेता गए अमित शाह, महाराष्ट्र में अभी सब खत्म नहीं हुआ है..

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भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच भाजपा का रुख स्पष्ट किया है. शाह ने कहा कि भाजपा ने जितनी सीटों पर चुनाव लड़ा था, उसने उसका 70% जीता और फिर भी विपक्ष में बैठ रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि लड़ी गई सीटों में से मात्र 42% सीटें जीत कर शिवसेना के उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि 50-50 की सारी बातें चुनाव बाद शुरू हुई, क्योंकि उससे पहले आदित्य ठाकरे और उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में देवेंद्र फडणवीस के नाम की घोषणा की गई थी लेकिन दोनों में से किसी ने भी कभी आपत्ति नहीं जताई.

अमित शाह ने कहा कि शिवसेना के सारे विधायकों ने चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम का इस्तेमाल किया. शाह ने कहा कि शिवसेना के विधानसभा उम्मीदवारों ने वोटरों को लुभाने के लिए पोस्टरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो का इस्तेमाल किया और जीत कर उसी जनता को धोखा दे दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनादेश देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के लिए था, जिसका शिवसेना ने अपमान किया है. शाह ने कहा कि जो लोग शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की सराहना कर रहे हैं, उन्होंने ही अजित पवार द्वारा भाजपा को समर्थन दिए जाने की आलोचना की.

बीजेपी अध्यक्ष ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने कभी भी किसी भी रूप में शिवसेना को मुख्यमंत्री पद देने की बात नहीं की. उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस अच्छा काम कर रहे थे और मुख्यमंत्री के रूप में उनका परफॉरमेंस शानदार रहा था, इसीलिए जनता उन्हें वापस लेकर आई. शाह ने बताया कि उन्होंने सभी रैलियों में कहा है कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार आने के बाद देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री होंगे.

उन्होंने रिपब्लिक टीवी के कार्यक्रम में कहा, “शिवसेना को मुख्यमंत्री पद दिया गया है तो क्या ये ख़रीद-फरोख्त नहीं है क्या? अगर महाराष्ट्र के हित की बात है तो कॉन्ग्रेस और एनसीपी अपना मुख्यमंत्री क्यों नहीं बना रहे हैं?”

अमित शाह ने कहा कि अंत में स्थिर सरकार को ही जनता वापस लेकर आती है और महाराष्ट्र में भी ऐसा ही होगा.