अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप ने उड़ाया ‘मी टू’ कैंपेन का मज़ाक !

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वॉशिंगटन। हॉलीवुड से पिछले साल शुरू हुआ मी टू कैंपेन पूरी दुनिया में तेजी से फैल चुका है.  एक साल पहले फिल्म इंडस्ट्री में #MeToo शुरू हुआ था, जिसमें हार्वे विंस्टीन से लेकर कई हॉलीवुड दिग्गज यौन उत्पीड़न के मामले में लपेटे में आ गए। अमेरिका में यह आंदोलन अभी भी थमा नहीं है और पीड़ित महिलाएं खुलकर सामने आ रही है, जिसके ताजा उदाहरण प्रोफेसर डॉ फोर्ड है, जिन्होंने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के नए जज ब्रेट कैवनहॉघ के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। अमेरिका से चलकर यह आंधी अब भारत तक पहुंच चुकी है, जिसमें फिल्म और मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रहे एक से एक दिग्गज बेनकाब हो रहे हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने #MeToo का एक बार फिर मजाक उड़ाया है।

#MeeToo की वजह से बोलने से रोका जा रहा: ट्रंप

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में पेंसिलवेनिया में एक भाषण के दौरान ट्रंप ने #MeToo मूवमेंट का मजाक उड़ाते हुए कहा कि मीडिया द्वारा लागू किए जा रहे नियमों के कारण उन्हें खुद पर नियंत्रण रखना पड़ रहा है। पेंसिलवेनिया में 2016 में अपनी पार्टी रिपब्लिकन की जीत को याद करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘आपको पता है मैं बोलना चाह रहा हूं, लेकिन #MeeToo के नियमों के मुताबिक मुझे बोलने की अनुमति नहीं है। मैं यह नहीं कर सकता।’ ट्रंप ने कहा कि #MeeToo की वजह से वह एक मुहावरा नहीं बोल पा रहे हैं।

द गर्ल दैट गॉट अवे…

ट्रंप ने पेंसिलवेनिया में कहा में ‘इट इज द पर्सन (गर्ल) दैट गॉट अवे’ मुहावरे का इस्तेमाल करते हुए #MeeToo का मजाक उड़ाया है। ट्रंप ने रैली में मीडिया की तरफ इशारा करते हुए कहा कि मीडिया को छोड़कर वह सही मुहावरा इस्तेमाल करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘वहां जो लोग (मीडिया) मौजूद हैं उन्हें छोड़कर बाकि सभी के लिये मैं इसका ही इस्तेमाल करूंगा। वे लोग कहेंगे, सुना आपने राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा? आपने सुना कि उन्होंने क्या कहा?’ ट्रंप ने कहा कि यह एक एक्सप्रेशन और हम इस एक्सप्रेशन को ही बदल देंगे। ट्रंप के इस मजाक पर रैली में लोगों ने जमकर ठहाके लगाए। द गर्ल दैट गॉट अवे’ मुहावरे का का मतलब होता- जिसने कभी आपसे प्रेम किया था और फिर आपको छोड़कर चला गया, लेकिन आप अभी भी उसकी याद में हैं।

पुरुष होना आज के दौर में बहुत ही मुश्किल:

ट्रंप हाल ही में ट्रंप ने ब्रेट कैवनहॉघ को सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए नामित किया, तभी जज पर एक कैलिफॉर्निया की प्रोफेसर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। अमेरिका में कई दिनों तक इस पर बवाल हुआ, जिस पर ट्रंप ने मजाक उड़ाने की कोशिश की थी। पिछले सप्ताह ट्रप ने कहा, ‘पुरुष होना आज के दौर में बहुत ही मुश्किल है, जहां तुम दोषी साबित हो भी सकते हो और न भी।’ ट्रंप ने कहा कि यह बहुत ही मुश्किल वक्त है। ट्रंप ने आगे कहा कि जो कुछ भी यहां चल रहा है, वह एक सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति से ज्यादा दिख रहा है।

13 महिलाएं लगा चुकी हैं ट्रंप पर यौन उत्पीड़न का आरोप

इसी साल जुलाई में ट्रंप ने सीनेटर एलिजाबेथ वारेन पर अटैक करते हुए कहा #MeToo मूवमेंट का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से वह (वारेन) 2020 में डेमोक्रटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद से नॉमिनेशन जीत जाएगी। वहीं, कैवनहॉघ पर आरोप लगने के बाद भी ट्रंप कई बार उनका बचाव करते दिखे, उन्होंने हाल ही में कहा था कि उन पर दोष साबित नहीं हो जाते, तब तक वह निर्दोष है। गौरतलब है कि 2016 में राष्ट्रपति चुनावी अभियान के वक्त ट्रंप पर 13 महिलाओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।