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अलवर मॉब लिंचिंग पर कोर्ट का फैसला- ‘नो वन किल्ड पहलू खान’

उम्मीद है कि आप पहलू खान का नाम भूले नहीं होंगे. वही शख्स जिसे राजस्थान के अलवर में गोतस्करी के शक में 1 अप्रैल 2017 को कथित गोरक्षकों की भीड़ ने जमकर पीटा था.  इसी पिटाई के चलते डेयरी बिजनेस करने वाले पहलू की 2 दिन बाद मौत हो गई थी. अब पहलू खान की हत्या मामले पर अलवर जिला न्यायालय का फैसला आया है. अदालत ने पहलू खान की हत्या की वारदात में पकड़े गए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है.

इस मामले में पुलिस की ओर से 9 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किए गए, जिनमें से 2 आरोपी नाबालिग होने के कारण उनके विरुद्ध सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में चल रही था. जबकि, 5 आरोपियों विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद व योगेश कुमार के विरुद्ध अदालत में चालान पेश किया था. शेष 2 आरोपियों भीमराठी व दीपक उर्फ गोलू के खिलाफ बाद में चालान पेश किया गया था.

अब अलवर कोर्ट ने सभी 7 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है. दरअसल पहलू खान की पिटाई के वीडियो में आरोपियों का चेहरा नहीं दिखा और पहलू खान के बेटों की गवाही को भी तवज्जो नहीं मिली है. इसके अलावा वीडियो बनाने वाला शख्स भी अपने बयान से मुकर गया. जिसके बाद कोर्ट ने ये फैसला सुना दिया.

बता दें कि एक अप्रैल, 2017 को हरियाणा के नूह मेवात जिले के जयसिंहपूरा गांव निवासी पहलू खान अपने दो बेटों उमर और ताहिर के साथ जयपुर के पशु हटवाड़ा से दुधारू पशु खरीदकर अपने घर जा रहा था. इस बीच अलवर के बहरोड़ पुलिया के पास भीड़ ने गाड़ी को रुकवा कर पहलू और उनके बेटों से मारपीट की थी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने पहलू खान को बहरोड़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान 4 अप्रैल 2017 को उनकी मौत हो गई थी.

 

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