सेहत

अलर्ट ! कम उम्र के लोगो में तेज़ी से फ़ैल रही ये घातक बीमारी, ऐसे करें बचाव

आईएमए इन दिनों हेल्थ फॉर ऑल स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के तहत लगातार विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में भारद्वाज गुरुकुल में तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा निषेध जागरूकता अभियान चलाया गया। मौके पर मौजूद आईएमए के डॉक्टरों ने छात्र-छात्राओं के बीच स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान आईएमए के सचिव सह ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. निशांत रंजन ने बताया कि कम उम्र में ही कमर दर्द की शिकायत का मुख्य कारण गलत तरीके से बैठना है।

ऐसे करें बचाव

हमेशा कमर सीधी कर बैठना चाहिए। बिस्तर पर झुककर कभी भी पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। अगर बिस्तर पर पढ़ना हो तो सामने तकिया या तख्ती पर किताब रखकर पढ़ना चाहिए। कुर्सी पर बैठते समय दोनों पैर के घुटना को बंद कर बैठना चाहिए। सामने झुककर नहीं चलना चाहिए। वहीं, दंत चिकित्सक डॉ बलबन कुमार एवं कुंदन कुमार ने सही तरीके से दाँतों की सफाई तथा सुबह और रात में भोजन करने के बाद ब्रश करने के उद्देश्य पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि दांतों के बीच फंसी खाद्य सामग्री के सड़ने के कारण सूक्ष्म जीव के बढ़ने से दांत में कई तरह की बीमारियां फैलती हैं।

पूरे विश्व की भुखमरी को दूर किया जा सकता

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रंजन चौधरी ने भारत में तम्बाकू के उपयोग के कारण होने वाले हजारों करोड़ के नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि भारत में तम्बाकू का उपयोग पूरी तरह से बंद हो जाय तो उस धन से पूरे विश्व की भुखमरी को दूर किया जा सकता है। बड़ों को समझाना बहुत कारगर नहीं है क्योंकि उन्होंने धीरे -धीरे ही सही, आत्महत्या का निर्णय ले लिया है। बच्चों को जागरूक कर सुखद परिणाम की आशा की जा सकती है।

कानून को सख्ती से लागू करने की जरूरत

उन्होंने शिक्षण संस्थानों के आसपास इस तम्बाकू उत्पाद की बिक्री रोकने के कानून को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि आम लोगों के टैक्स से ही गरीब कैंसर पीड़ितों का इलाज होता है। इसलिए टैक्स के सदुपयोग के लिए सबों को प्रयास करना चाहिए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ प्रभात कुमार ने बीमारी के इलाज से बेहतर उसकी रोकथाम के सिद्धांत को और मजबूत करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि कोई कितना भी पढ़ ले या धन कमा ले, लेकिन अस्वस्थ होने पर कष्ट ही कष्ट होता है। मौके पर निदेशक शिव प्रकाश भारद्वाज ने कहा कि देश में करीब साढ़े छह करोड़ लोग हर रोज विभिन्न रूप में तम्बाकू और तम्बाकू जनित उत्पादों का उपयोग कर रहे हैं। मुंह और फेफड़ा के कैंसर ने महामारी का रूप ले लिया है जो इस जागरुक देश के लिए बहुत बड़ा अभिशाप है।

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