उत्तर प्रदेश

विवादों में योगी की रैली, अखलाक के ‘कातिल’ को पहली पंक्ति में जगह मिली

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नोएडा के बिसाहड़ा में आयोजित की गई रैली विवादों के घेरे में आ गई है. दरअसल इस रैली में अखलाक हत्याकांड का आरोपी भी मौजूद था. बता दें कि घर में गाय का मांस रखने की अफवाह के बाद भीड़ ने  सितंबर 2015 में अखलाक के घर में घुसकर उसकी हत्या कर दी थी.

योगी रविवार को बिसहाड़ा में रैली को संबोधित कर रहे थे. उस रैली में सबसे आगे की तरफ अखलाक हत्याकांड का मु्ख्य आरोपी विशाल सिंह बैठा हुआ था. विशाल बीजेपी के स्थानीय नेता संजय राणा का बेटा है. अखलाक हत्याकांड के बाद विशाल को गिरफ्तार किया गया था. इसके कुछ दिनों बाद ही विशाल को जमानत मिल गई थी. जमानत पर बाहर अखलाक अपने दोस्तों के संग योगी की रैली में पहुंचा था. इतना ही नहीं वह योगी के लिए नारे भी लगाते दिखा. इसके बाद बीजेपी और योगी आदित्यनाथ पर विपक्ष ने जमकर निशाना साधा है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस तरह के आरोपी को बीजेपी पहली पंक्ति में बैठाती है.

गौरतलब है कि दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक की हत्या कर दी गई थी. 2015 में गोमांस रखने की अफवाह के बाद गांव के लोगों ने अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. गौरक्षा के नाम पर हुए इस हमले के बाद देशभर में बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे.

विपक्षी पार्टियों ने केन्द्र सरकार पर देश में असहिष्णुता का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया था. इस हत्याकांड के बाद देश भर में कईं कलाकारों ने अपने पुरस्कार लौटा दिए थे. बता दें कि अखलाक की हत्या के बाद 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें से एक की मौत हो चुकी है और बाकी आरोपियों को बेल मिल गई थी.

अखलाक का बेटा इंडियन एयर फोर्स में तैनात है. इस घटना के बाद अखलाक के पूरे परिवार को एयरफोर्स कैंपस में ले जाकर सुरक्षा दी गई थी. उत्तर प्रदेश की तत्कालीन समाजवादी सरकार ने अखलाक के परिवार को 45 लाख रुपए की मदद दी थी. अखलाक की हत्या के बाद देश में असहिष्णुता पर तीखी बहस की शुरुआत हुई थी, इसी के बाद अवार्ड वापसी कैंपेन चला था.

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