प्रचंड जीत के बाद बोले मोदी, देश की जनता ने इस गरीब की झोली भर दी

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोबारा जनादेश देने के लिए देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मतदाताओं ने ‘फकीर की झोली को भर दिया है’। अपनी ऐतिहासिक जीत को मोदी ने जनता जनार्दन के चरणों में समर्पित किया।

भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) मुख्यालय पर आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में मोदी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि वह अपने अगले कार्यकाल में भारतीय संविधान की छाया और लोकतंत्र की मर्यादाओं के अनुरूप सर्वमत और सबको साथ लेकर चलेंगे। उन्होंने प्रचार के दौरान आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बारे में कहा कि उनके लिए यह बीते दिनों की बात है। अब वह और उनकी सरकार समृद्ध भारत के निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करेगी। उन्होंने देशवासियों से तीन वादे किए तथा उनसे आग्रह किया कि वह इसकी कसौटी पर उन्हें परखें। मोदी ने अपने पहले वादे में यह संकल्प व्यक्त किया कि वह अगले पांच साल के दौरान ‘बदइरादे और बदनीयत’ से कोई काम नहीं करेंगे। अपने दूसरे वादे में मोदी ने कहा कि वह अपने स्वार्थ सिद्घि के लिए कुछ नही करेंगे। देश के प्रति उनका तीसरा वादा था कि ‘अपने समय का एक-एक पल और शरीर का एक-एक कण’ जनता की भलाई के लिए समर्पित करेंगे।

पीएम मोदी का पूरा भाषण

‘मैं भारत के 130 करोड़ नागरिकों का सर झुकाकर नमन करता हूं। लोकतांत्रिक विश्व में 2019 का यह जो मतदान का जो आंकड़ा है, यह अपने आपमें लोकतांत्रिक विश्व के इतिहास की सबसे बड़ी घटना है। देश आजाद हुआ, इतने लोकसभा के चुनाव हुए लेकिन आजादी के बाद इतने चुनाव होने के बाद सबसे अधिक मतदान इस चुनाव में हुआ और वह भी 40-42 डिग्री सेल्सियस गर्मी के बीच में। यह अपने आप में भारत के मतदाताओं की जागरुकता, लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पूरे विश्व को इस बात को रजिस्टर करना होगा, भारत की लोकतांत्रिक शक्ति को पहचानना होगा।

मोदी ने कहा कि काम करते समय उनसे कोई गलती हो सकती है लेकिन वह अपनी ओर से हरसंभव कोशिश करेंगे कि इन वादों को वह पूरा करें। जनता उनकी गलतियों के लिए शिकायत कर सकती है लेकिन उन्हें इन्हीं वादों की कसौटी पर उनकी सरकार को परखना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने लोकसभा के जनादेश को जातिवादी राजनीति के खिलाफ बताते हुए कहा कि मौजूदा दौर में देश में केवल दो जातियां हैं। एक जाति है गरीब और दूसरी जाति है जो गरीबों को गरीबी से बाहर लाने के काम में सहयोग कर रही हैं। उनकी सरकार का प्रयास होगा कि वह इन दोनों जातियों को समर्थ और सक्षम बनाएं ताकि आने वाले वर्षों में देश से गरीबी का कलंक मिट सके।

मोदी ने अपनी विजय को भारत, भारत के लोकतंत्र और भारत की जनता की विजय बताया। महाभारत काल का प्रसंग बताते हुए मोदी ने कहा कि युद्ध की समाप्ति के बाद जब श्रीकृष्ण से यह पूछा गया कि वह किस पक्ष के साथ थे तो भगवान ने उत्तर दिया था कि वह किसी पक्ष के साथ नहीं थे, वह हस्तिनापुर के साथ थे। वर्ष 2019 का जनादेश भगवान कृष्ण का ही एक रूप है जो भारत और लोकतंत्र के पक्ष में है। उन्होंने बुद्धिजीवियों और राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे 20वीं शताब्दी की सोच से निजात पाकर 21वीं सदी में भारत की जनता की आशाओं-अपेक्षाओं को समझें और उन्हें पूरा करने में सहयोग प्रदान करें।

लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इस चुनाव में तीन मुद्दे नदारद रहे। चुनाव में धर्मनिरपेक्षता का नकाब पहनकर राजनीति करने वालों के मुंह बंद हो गए । नकली धर्मनिरपेक्षता के नाम पर राजनीति करने वाले बेनकाब हो गए और वे जनता को गुमराह नहीं कर पाए। साथ ही इस चुनाव में महंगाई भी कोई मुद्दा नहीं बन पाई।

भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की उपलब्धियों की ओर संकेत करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले दशकों में भ्रष्टाचार चुनाव में एक मुख्य मुद्दा रहता था। इस बार ऐसा नहीं हुआ। विरोधी दल भी उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा सके।

मोदी ने चुनाव नतीजों को नए भारत के पक्ष में दिया गया जनादेश बताया। उन्होंने चुनाव को लोकतंत्र का विजय उत्सव बताते हुए चुनाव अभियान के दौरान जान गंवाने वाले कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इन कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र के पक्ष में बलिदानी बताया।

मोदी ने पूरी चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए चुनाव आय़ोग, सुरक्षा बलों और प्रशासनिक मशीनरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरे चुनाव से विश्व समुदाय अचंभित है। देशवासियों को भी इस पर गर्व महसूस करना चाहिए।

मोदी ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणांचल प्रदेश में जनादेश हासिल करने वाले राजनीतिक दलों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार संविधान और संघवाद के सिद्धांतों का पालन करते हुए राज्यों की विकास यात्रा में पूरा सहयोग करेगी।

भाजपा की राजनीतिक विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि जब लोकसभा में भाजपा की सदस्य संख्या दो थी और अब जबकि वह दोबारा सत्ता में लौटी है तब एक बात समान है कि हम अपने आदर्शों में कभी डगमगाते नही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता पराजय से निराश नहीं होते। साथ ही विजय के उल्लास में कभी अपनी विनम्रता, संस्कार नहीं छोड़ते।

मोदी ने जनादेश को अपनी सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए कहा कि आय़ुष्मान भारत के जरिए चिकित्सा सुविधा हासिल करने वाले बीमार लोगों, पेंशन योजना से लाभांवित होने वाले 40 करोड़ असगंठित क्षेत्र के कामगारों, आवास योजना से छत हासिल करने वाले बेघर बार लोगों और टैक्स देकर राष्ट्र निर्माण में मदद करने वाले मध्यम वर्ग के लोगों के बलबूते ही उन्हें यह प्रचंड जनादेश हासिल हो पाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव नतीजों ने ईमानदारी की विजय पर मोहर लगाई है।