उत्तर प्रदेश

IG ने कर दिया ऐसा कौन सा काम, जो अंजान शख्स ने भेज 500 रुपये का इनाम

लगातार बदनाम हो रहे पुलिस विभाग की जांच करने के लिए आईजी आगरा सतीश गणेश खुद मथुरा के थाना हाईवे पहुंचें। यहां उन्होने अपनी पहचान छिपाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई।जिस पर मौजूद प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह भाटी ने तत्पर कार्रवाई की और अगले ही दिन मामला सुर्खियों में बदल गया। वहीं आईजी द्वारा की गई इस जांच से एटा का रहने वाला विजयपाल काफी प्रसन्न हुआ। उसे आईजी आगरा ए सतीश गणेश को बकायदा प्रशंसा पत्र लिखा और पुलिस अधिकारी की कार्यशैली से खुश होकर 500 रुपये का चेक भी भेजा.
 
जानिए पूरा मामला 
बता दें कि, आईजी आगरा ए सतीश गणेश अपने ही महकमे के जांच के लिए शनिवार दोपहर मथुरा के थाना हाईवे पहुंचे थे, यहां उन्होंने खुद को सेना का कर्नल बताया और ऑफिस में मौजूद प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह भाटी से कहा कि कार से उनका लैपटॉप चोरी हो गया है। शिकायत सुनने के बाद इंस्पेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। 
जब मुकदमा दर्ज हो गया और आईजी जाने लगे तब उन्होने रामपाल सिंह से हाथ मिलाया और कहा कि मैं आईजी हूं।  यह सुनते ही कुछ ही देर में थाने का सारा स्टाफ पहुंच गया। पुलिस की कार्यशैली से खुश होकर आईजी ने प्रभारी निरीक्षक को पांच हजार रुपये बतौर इनाम दिया।
आईजी द्वारा की गई कार्रवाई अगले ही दिन अखबारों की सुर्खियां बन गई। जिसे पढ़कर एटा के सिद्धार्थ नगर के भगीपुर में रहने वाले विजय पाल सिंह काफी खुश हुआ उन्होंने आईजी आगरा ए सतीश गणेश को एक प्रशंसा पत्र लिखा और साथ में 500 रुपये का चेक उन्हें भेजा. इसके साथ मथुरा के थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक रामपाल सिंह भाटी के लिए 200 रुपये का चेक भेजा। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि कैसे पुलिस कार्रवाई करती है। लेकिन एक अच्छे अधिकारी ईमानदारी से अपना काम करते हैं।
 
वहीं आगरा जोन के आईजी ए सतीश गणेश ने कहा कि 23 साल के पुलिसिंग कैरियर में मुझे कई पदक, पुरस्कार और प्रशंसा के पत्र हासिल हुए हैं। लेकिन डाक द्वारा जो एक  अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजा गया प्रशंसा पत्र और 500 रुपये का चेक मिला ये मेरे लिए अब तक हासिल किए गए पदक, पुरस्कार में अतुल्यनीय है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये लोगों की प्रतिक्रिया है, जो मुझे रोज और सालों साल बिना थके काम करने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने अपने प्रशंसक विजय पाल द्वारा भेजे गए पत्र की तुलना गोल्ड मेडल से करते हए कहा कि किसी भी पुलिस अधिकारी को मिलने वाली ये सबसे अच्छा पुरस्कार हैं.
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