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जेडीयू उम्मीदवार ने लौटाया पार्टी का सिंबल, नीतीश से बोले- समर्थन नहीं मिल रहा

जदयू को सीतामढ़ी सीट से लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अपने उम्मीदवार को बदलना पड़ा है। दरअसल जदयू ने इस सीट से डॉ वरुण कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया था लेकिन इस सीट से डॉ वरुण कुमार ने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है। वरुण कुमार के टिकट वापिस करने को लेकर विभिन्न प्रकार की बातें की जा रही हैं और अनुमान लगाया जा रहा है।  डॉ. वरुण कुमार के नजदीकियों का कहना है कि उन्हें स्थानीय स्तर पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं मिल रहा है.

ज्ञात हो कि जिस समय डॉ. वरुण कुमार के उम्मीदवारी की चर्चा चल रही थी, उस समय स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसका खुलेआम विरोध किया था. यहां तक कि कई लोगों ने पैसे लेकर टिकट बांटने का आरोप लगाया था. विरोध के बावजूद जेडीयू ने डॉ. वरुण कुमार को उम्मीदवार बनाया था.

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, उन्हें जेडीयू और बीजेपी के कार्यकर्ता और नेता तरजीह नहीं दे रहे थे. इस वजह से वह टिकट मिलने के बाद भी खुश नहीं थे. उन्होंने नॉमिनेशन से पहले ही टिकट लौटा दिया है. ज्ञा

इस निर्णय के बाद जदयू ने बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और भाजपा संसद सुनील कुमार पिंटू को सीतामढ़ी सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है।

खबर के अनुसार, आज ही सुनील कुमार पिंटू जदयू में शामिल होंगे जिसके बाद उन्हें पार्टी अपना एक सिंबल देगी। उनकी उम्मीदवारी को लेकर सीतामढ़ी में पार्टी के अंदर भी विरोध था जिसके कारण वरुण कुमार ने चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया और टिकट वापिस कर दिया।

अगर बात सुनील कुमार पिंटू की जाए तो वो बिहार में वैश्य समुदाय का चेहरा हैं और बिहार सरकार में पहले के कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं। काफी वक़्त से पिंटू का परिवार राजनीति में है और वो खुद भी दो बार सीतामढ़ी से विधायक रह चुके हैं। सुनील कुमार के पार्टी में शामिल हो जाने के बाद उम्मीदवार का नाम पार्टी औपचारिक रूप से घोषणा करेगा।

फिलहाल राजद पार्टी में भी सीतामढ़ी सीट को लेकर बहुत तनातनी चल चल रही है। इस सीट से महागठबंधन ने अर्जुन राय को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो शरद यादव के बहुत नजदीकी बताये जा रहे हैं।

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