2 महीने पहले जिस बेटी की मिली थी सिर कटी लाश, जब उसी ने खटखटाया द्वार, तो…

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उत्तर प्रदेश के अमेठी से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक परिवार ने अपनी बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया. लेकिन 61 दिन बाद वह अचानक से जिंदा वापस लोट आई. बेटी को जिंदा देख परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है. दरहसल, परिवार ने अपनी बेटी समझकर किसी अज्ञात के शव का अंतिम संस्कार कर दिया था. लेकिन पुलिस के लिए सिर कटी लाश किसी उलझन की तरह खड़ी हो गई है. फिलहाल पुलिस बरामद की गई सिर कटी लाश की जांच में जुटी है.

मोहनगंज के रमई गांव में रहने वाले  बृजलाल की बेटी पुष्पा घर से लापता हो गई थी. लेकिन मंगलवार को पुष्पा अचानक घर वापस  लौट आई. जिसे देख परिवार के लोगों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा. जानकारी के मुताबिक पुष्पा के पिता ने ढ़ाई महीने पहले पुलिस को अपने भाई दिगपाल और उसकी पत्नी सुनीता के खिलाफ अपहरण और हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवाया था. पुलिस गुमशुदा पुष्पा की तलाश में जुट गई. इसी दौरान 29 मार्च को नजदीक के ही गांव में एक युवती की सिर कटी लाश की सूचना मिली. पुलिस ने शव को अपने कब्ज़े में लेकर बृजलाल को लाश की शिनाख्त करने के लिए बुलाया. बृजलाल ने भी अपनी बेटी के तौर पर शिनाख्त की.

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मृतका का शव बृजलाल को सौंप दिया. बृजलाल ने भी शव का अंतिम संस्कार कर दिया. वहीं पुष्पा के घर वापस लौटने की जानकारी बृजलाल ने पुलिस को भी दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किशोरी को अपनी अभिरक्षा में लिया. वहीं बृजलाल ने पुलिस को कहा कि भाई ने विवाद के चलते मारपीट और बेटी को जान से मारने की धमकी दी थी. इसी के चलते बेटी के लापता होने पर उसे नामजद किया गया था लेकिन अब मैं अपना केस वापस ले लूंगा.

मामले में आरोपी रहे चाचा के मुताबिक 28 मार्च को उनकी बेटी की शादी होनी थी. लेकिन पुलिस नें उन्हें हिरासत में ले लिया. जिससे लड़की के ससुराल वालों ने रिश्ता तोड़ दिया. पुलिस ने तीन दिनों तक हिरासत में रखा. मेरे निर्दोष होने के बावजूद भी पुलिस ने जुर्म कबूलवाने के लिए उसके साथ काफी अत्याचार किए.

पुलिस को शुरुआती जांच में जानकारी मिली कि किशोरी नाराज होकर घर से गई. वहीं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीर बहादुर सिंह और पुलिस दावा कर रहे हैं कि आपसी रंजिश के चलते ही किशोरी के पिता बृजलाल ने अपने भाई को इस मामले में फंसाया है. क्योंकि, जिस लड़की की लाश को पुलिस ने बरामद किया था उसकी कद-काठी बृजलाल की बेटी से नहीं मिलती थी. फिलहाल पुलिस सिर कटी लाश की गुत्थी सुलझाने में जुटी है.