2022 के लिए अखिलेश ने शुरु की जो तैयारी, वो पड़ सकती है योगी पर भारी !

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों को लेकर सभी छोटी बड़ी पार्टियों ने कमर कस ली है. समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ के एक कार्यक्रम में एक बार फिर कहा सपा किसी भी दल से गठबंधन नहीं करेगी. माना जा रहा है कि अखिलेश का अकेले चुनाव की घोषणा सिर्फ अपने निराश कार्यकर्ताओं को बूस्टअप करना है और भाजपा के मुकाबले अपनी खोई जमीन को जितना भी वापस मिल सकें, उसकी तैयारी करना है.

दरअसल अखिलेश यादव इस बार बहुत फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं. वैसे भी कहावत है दूध का जला छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है. समाजवादी पार्टी ने यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस के संग गठबंधन कर चुनाव लड़ा. सपा का राज भी गया और ताज भी. इस गठबंधन में समाजवादी पार्टी को 47 सीट ही मिल पाई. सपा को इन चुनावों में कुल 21.8 फीसदी वोट मिले. फिर कांग्रेस के राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी अपनी राह चल दिए.

उसके बाद लोकसभा चुनाव 2019 में हाथी और साइकिल मिलकर चलें. पर सपा की सात सीटें घटकर न केवल पांच रह गईं, बल्कि परिवार के तीन सदस्यों की भी सीट चली गई. लोकसभा चुनाव 2019 में सपा का वोट प्रतिशत 17.96 फीसद ही रहा. इससे जहां कार्यकर्ताओं में नाराजगी आई और कार्यकर्ता निराश भी हो गए.

शायद यही सोच कर अखिलेश यादव ने साफ साफ कह दिया है कि समाजवादी पार्टी 2022 में अकेले ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी. किसी दल से गठबंधन नहीं करेगी, हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ एडजेस्टमेंट जरूर हो सकता है. इस बयान के बाद सपा कार्यकर्ता काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं.