मकर संक्रांति पर बना दुर्लभ संयोग,दो दिन मनाया जाएगा त्‍योहार

देश में आज मकर संक्रांति का पर्व सेलिब्रेट किया जा रहा है. मकर संक्रांति हिंदुओं का प्रमुख पर्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह में जब सूर्य मकर राशि में आता है तब ये पर्व मनाया जाता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार ये पर्व जनवरी के चौदहवें या पंद्रहवें दिन आता है, इसी समय सूर्य धनु रशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है. मकर संक्रांति के दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति भी प्रारंभ होती है. भारत के कई स्थानों पर इसे उत्तरायणी के नाम से भी जाना जाता है.

दो दिन मनाई जाएगी मकर संक्रांति

इस साल भी कुछ ज्योतिषी कह रहे हैं कि मकर संक्रांति 14 की नहीं बल्कि 15 जनवरी को मनाई जाएगी. आइए देखें कि यह उलझन की स्थिति क्यों बनी हैं और मकर संक्रांति का पुण्यकाल और तिथि मुहूर्त क्या है.

साल 2012 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 15 जनवरी को हुआ था इसलिए मकर संक्रांति इस दिन मनाई गई थी. आने वाले कुछ वर्षों में मकर संक्रांति हर साल 15 जनवरी को ही मनाई जाएगी ऐसी गणना कहती है. इतना ही नहीं करीब 5000 साल बाद मकर संक्रांति फरवरी के अंतिम सप्ताह में मनाई जाने लगेगी.

लेकिन 15 जनवरी को उदया तिथि के कारण भी मकर संक्रांति कई जगह मनाई जाएगी. इस दिन मकर राशि में सूूर्योदय होने के कारण करीब ढ़ाई घंटे तक संक्रांति के पुण्यकाल का दान पुण्य करना भी शुभ रहेगा. इसलिए इस साल मेघ मेले में मकर संक्रांति का स्नान दोनों दिन यानी 14 और 15 जनवरी को होगा.