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पाकिस्तान में फिर निशाना बनाए गए हजारा, जानिए क्या है ये समुदाय ?

पाकिस्‍तान के क्‍वेटा में शुक्रवार को बड़ा विस्‍फोट हुआ, जिसमें 16 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 से अधिक घायल हो गए. घायलों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर है. घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मृतकों की संख्‍या बढ़ने का अंदेशा जताया है. विस्‍फोट हजारगंजी इलाके में हजारा कम्‍युनिटी के लोगों को निशाना बनाकर किया गया था.

पाकिस्तान में अकसर हजारा समुदाय को निशाना बनाया जाता है. देश के  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से पिछले साल एक रिपोर्ट जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि जनवरी, 2012 से दिसंबर, 2017 तक क्वेटा में आतंकवाद की विभिन्न घटनाओं में हजारा समुदाय के 509 सदस्य मारे गए और 627 घायल हुए. ऐसे में जान लीजिए कि आखिर ये हजारा समुदाय है क्या?

हज़ारा मध्य अफ़्ग़ानिस्तान में बसने वाला और दरी फ़ारसी की हज़ारगी उपभाषा बोलने वाला एक समुदाय है. यह लगभग सारे शिया इस्लाम के अनुयायी होते हैं और अफ़्ग़ानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा समुदाय हैं. पाकिस्तान में भी इनके पाँच लाख लोग बसे हुए हैं. जब अफ़्ग़ानिस्तान में तालिबान सत्ता में थी तो उन्होने हज़ारा लोगों पर उनके शिया होने की वजह से बड़ी कठोरता से शासन किया था, जिस से बामियान प्रान्त और दायकुंदी प्रान्त जैसे हज़ारा-प्रधान क्षेत्रों में भुखमरी और अन्य विपदाएँ फैली थीं. इसीलिए यह पाकिस्तान में शरणार्थी के रूप में जाने पर मजबूर हो गए थे और क्वेट्टा शहर में बस गए.

विद्वानों को पक्का नहीं मालूम कि हज़ारा का नाम कहाँ से आया है. बहुत से समझते हैं कि यह मंगोल साम्राज्य द्वारा इस्तेमाल होने वाले ‘हज़ार’ सैनिकों के दस्तों से आया है. सम्भव है कि हज़ारा उन्हीं मंगोल लोगों के वंशज हैं जो मध्य काल में पूरे मध्य एशिया पर छा गए थे. कुछ हज़ारा लोगों के नाम पारम्परिक रूप से मंगोल हस्तियों पर होते हैं, जैसे कि ‘तुलई ख़ान हज़ारा’ जो चंगेज़ ख़ान के सबसे छोटे बेटे तोलुइ ख़ान के सम्मान में रखा जाता है. अनुवांशिकी (यानि जॅनॅटिक्स) में पितृवंश समूह के नज़रिए से भी हज़ारा पुरुषों में चंगेज़ ख़ान से सबसे अधिक प्रतिशत मात्रा में मिलने वाले पुरुष हैं. हज़ारा लोग अक्सर शक्ल-सूरत से भी मंगोल नस्ल के लगते हैं. धार्मिक नज़रिए से भी तुर्की-मंगोल इलख़ान साम्राज्य बाद में शिया धर्म को अपना चुका था और हज़ारा लोगों का शिया होना भी इस बात से मेल खाता है.

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