हरियाणा : हुक्के ने फैलाया कोरोना वायरस, एक गांव के 24 लोग हुए संक्रमित

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जींद(हरियाणा): (Hariyana News ) ऐसा नहीं है कि मूढ़ता के कारण तबलीगी जमात (Tabligi Jamaat ) ही अकेले कोरोना संक्रमण फैलाने के लिए जिम्मेदार हो, ऐसे लोग किसी भी जमात के हो सकते हैं। इसी तरह का एक मामला जींद के गांव शादीपुर मे सामने आया है, जहां हुक्का पीने से 24 लोग कोरोना (Hukka spread corona ) की चपेट में आ गए। इसका खुलासा (Hukka infected 24 ) होने के बाद अब पूरे गांव में हडकंप मचा हुआ है। एक ही हुक्के से कश लगाने वालों ने अपने साथ दूसरों की जान भी खतरे में डाल दी।

एक हुक्के से फैला कोरोना
हुआ यह कि शादीपुर में फर्नीचर की दुकान चलाने वाला एक युवक ४ जुलाई को किसी वैवाहिक कार्यक्रम में गया था। कोरोना के कुछ लक्षण नजर आने पर इस युवक ने जिले के जुलाना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में सैम्पल दिया। यह युवक दुकान पर हुक्का पीता था। इस दुकानदार के पास आस-पड़ोस के दुकानदार भी तलब लगने पर उसी हुक्के को गुडगुड़ाते थे। आठ जुलाई को इसकी रिपोर्ट आई कि वह कोरोना संक्रमित है। इस युवक के पॉजिटिव में आने के बाद परचून की दुकान चलाने वाला व्यक्ति पॉजिटिव आया। इसी व्यक्ति की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई।

समूचा गांव है दहशतजदां
कोरोना संक्रमित होने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने आस-पास के दुकानदारों के रक्त के नमूने लिए। इनकी जांच के बाद अभी तक २४ लोगों के कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें दस दुकानदार और बाकी उनके परिजन है। एक हुक्के के कश ने सबमें कोरोना बांट दिया। स्वास्थ्य विभाग की इस रिपोर्ट के बाद पूरे गांव सनसनी फैल गई है। संक्रमित लोगों ने दूसरे दुकानदार और अपने परिवार वालों के अलावा अन्य लोगों से भी सम्पर्क किया। इसी को गांव में अब दहशत व्याप्त है। हजारों की आबादी वाला यह गांव अब बैचेन है। गांववालों को अंदाजा नहीं है कि संक्रमितों के संपर्क में आने के बाद अब कौन-कौन संक्रमण की चपेट में आ चुका है।

हो चुकी हैं 421 मौतें
गौरतलब है कि प्रदेश में अभी तक 421 मरीजों की मौत हो चुकी है, कोरोना रिकवरी रेट 80 फीसदी के पार पहुंच चुकी है तो मामले दोगुने होने की अवधि 25 दिन पर पहुंच गई है। शुक्रवार को 887 मरीज कोरोना को मात देकर घर लौटे तो 711 नए संक्रमित मिले। इसके साथ ही 4 मरीजों ने दम तोड़ा। वहीं 133 मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है। इनमें 116 मरीजों की सांसें ऑक्सीजन के सहारे चल रही हैं तो 17 वेंटीलेटर पर जिंदगी जंग लड़ रहे हैं।