सुपरस्टार की औलाद फिल्मों में सुपरफ्लॉप, मजबूरी में अब कर रहे ऐसा काम !

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बॉलीवुड में बीते कुछ समय से नेपोटिज्‍म यानी भाई-भतीजावाद को लेकर खूब बहस चल रही है। इस पर आए दिन नए बयान भी सामने आ रहे है। लेकिन एक सच्‍चाई यह भी है कि माइक और कैमरा कभी झूठ नहीं बोलता। कहने का अर्थ यह कि स्‍टारकिड्स को सिनेमा में मौका जरूर मिल जाए, लेकिन चलता वही है जिसमें दम हो। इसका एक बड़ा उदाहरण हैं कुणाल गोस्‍वामी।

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वैसे तो ऐसे बहुतेरे एक्‍टर्स हुए जो स्‍टारकिड होने के कारण खबरों और फिल्‍मों में तो जल्‍दी आ गए, लेकिन अपना कोई मुकाम नहीं बना सके। कई स्टार किड्स तो ऐसे रहे जिन्होंने सालों तक फिल्मों में धक्का खाने के बाद गुमनामी की ऐसी चादर ओढ़ ली कि फिर नजर ही नहीं आए। ऐसे ही एक स्टारकिड हैं कुणाल गोस्वामी, जो बॉलीवुड के सदाबहार हीरो और ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर मनोज कुमार के बेटे हैं।

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कुणाल गोस्वामी को एक्टिंग विरासत में मिली। मनोज कुमार ने कुणाल को बचपन से ही एक्टिंग की दुनिया में ढालना शुरू कर दिया। अपनी डायरेक्‍शन में बनी ‘क्रांति’ में मनोज कुमार ने कुणाल को कास्‍ट किया, सोचा कि उनका बेटा उनकी एक्टिंग विरासत को आगे बढ़ाएगा। लेकिन बात नहीं बनी।

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‘क्रांति’ सिल्‍वर स्क्रीन पर कुणाल गोस्वामी का पहला एक्सपीरिएंस था। इसके बाद कुणाल गोस्वामी ने और भी कई फिल्मों में हाथ आजमाया, लेकिन बात नहीं बनी। कुणाल गोस्वामी की फिल्म ‘कलाकार’ जरूर याद की जाती है। इसमें वो श्रीदेवी के साथ नजर आए। फिल्म ज्‍यादा नहीं चली, लेकिन इसका गाना ‘नीले नीले अंबर पर’ ने खूब धमाल मचाया।

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फिल्‍मों में खूब हाथ-पैर मारने के बाद भी जब बात नहीं बनी, तो कुणाल फिल्में छोड़कर कैटरिंग के बिजनेस में आ गए। कुणाल को फिल्‍मों में मुकाम देने के लिए मनोज कुमार ने कुणाल के लिए 1999 में फिल्‍म बनाई ‘जय हिंद’। इस फिल्म में ऋषि कपूर और शिल्पा शिरोडकर जैसे स्टार भी थे, लेकिन मामला फिर नहीं जमा।

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इस फिल्‍म के बाद मनोज कुमार का प्रोडक्शन हाउस भी बंद हो गया और उसी के साथ कुणाल गोस्वामी का फिल्मी करियर भी। आज कुणाल गोस्वामी फिल्मों से दूर कैटरिंग का बिजनेस संभाल रहे हैं।