सीमा विवाद: समझौते के बाद भी पीछे नहीं हट रहा ड्रैगन, अब भारतीय सेना ने बनाया ये प्लान !

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भारत और चीन के बीच लद्दाख में सीमा को लेकर जारी विवाद अभी शांत होता नहीं दिख रहा है। सैनिकों के पीछे हटने की सहमति बनने के बावजूद चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से अपनी सेना को पीछे नहीं हटा रहा है। उल्टा वह अपनी उपस्थिति को और मजबूत करता जा रहा है। इसे देखते हुए भारत ने भी लद्दाख में अतिरिक्त सेना को तैनात करने का फैसला किया है और यह तैनाती लंबे समय के लिए होगी।

 

 

मीडिया  से बात करते हुए सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारी तैयारियां और गतिविधियां विरोधी की कार्रवाई पर निर्भर करती हैं। जहां तक सेना को वहां रखने की बात है तो हम इसके लिए तैयार हैं क्योंकि उनके इरादे कभी भी बदल सकते हैं। इसे देखते हुए हमने LAC पर सेना को तैनात रखा है।” इसके अलावा मौजूदा हालातों को देखते हुए सेना अपनी तैनाती बढ़ाने की तैयारी में है।

 

कई इलाकों में अब भी डटे हैं चीनी सैनिक

 

हाल ही में भारत में चीनी राजदूत ने दावा किया था कि अधिकतर जगहों पर सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन भारत इसका खंडन करता है। भारत का कहना है कि पेट्रोलिंग प्वाइंट 17A और पेंगोंग त्सो इलाके में अब भी चीनी सैनिक डटे हुए हैं। सेना अधिकारी का कहना है कि लगभग 35,000 सैनिकों की तैनाती सीमा पर अप्रैल वाली स्थिति को बहाल करने के मामले से जुड़ी हुई है।

सर्दियों में सेना की तैनाती की तैयारियां शुरू

अधिकारी ने कहा, “हम सभी स्थितियों के लिए तैयार हैं। सर्दियों में अतिरिक्त सेना की तैनाती को देखते हुए रसद का इंतजाम किया जा रहा है।” भारतीय सेना ने अमेरिका, रूस और यूरोप में भारतीय दूतावासों में तैनात डिफेंस अटैशे से ऐसी कंपनियों की पहचान करने को कहा है जो जरूरत पड़ने पर भारी मात्रा में गर्म कपड़े और बर्फ में लगने वाले टेंट की आपूर्ति कर सके। अभी तक सेना घरेलू निर्माताओं से जरूरत पूरा करती थी।

 

चीन ने किया सेना की तैनाती में इजाफा

 

एक तरफ चीन सैनिकों को पीछे हटाने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वह विवादित इलाकों में अपनी उपस्थिति को लगातार मजबूत करता जा रहा है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने पेंगोंग झील इलाके में मजबूती बढ़ाने के लिए अतिरिक्त नावों का इंतजाम किया है। साथ ही वह अतिरिक्त सैनिकों को रखने के लिए नए टेंट लगाने के साथ निर्माण कार्य भी कर रहा है।

 

फिंगर 8 इलाके से फिंगर 5 और 6 तक पहुंची चीनी नावें

 

मीडिया सूत्रों  ने बताया है कि चीनी सेना की नौसेना विंग की 13 नाव फिंगर 5 और 6 के पास तैनात हैं। हर नाव में 10 सैनिक गश्त कर सकते हैं। इसका मतलब है कि चीनी सेना की एलीट फोर्स के लगभग 130 जवान फिंगर 4 इलाके से थोड़ी दूर तैनात हैं, जो हमेशा से भारत के कब्जे में रहा है। तनाव शुरू होने से पहले ये फिंगर 8 के पास तैनात रहती थीं, लेकिन अब आगे बढ़ गई हैं।

 

कई इलाकों में अब भी आमने-सामने सैनिक

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोगरा और पेगोंग झील इलाके में अभी भी दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने डटे हुए हैं। पेंगोंग झील और हॉट स्प्रिंग-गोगरा इलाका पेट्रोल प्वाइंट 17A का हिस्सा है और यहां स्थिति नाजुक बनी हुई है। पेगोंग झील में चीनी सैनिक फिंगर 4 से पीछे हटकर फिंगर 5 इलाके में रिजलाइन पर डट गए हैं। वहीं भारतीय सैनिक फिंगर 2 और 3 के बीच झील के किनारे पर डटे हुए हैं।

 

इलाके में दो सप्ताह से नहीं आया स्थिति में परिवर्तन

 

सूत्रों के मुताबिक, ऐसे कोई संकेत नहीं मिल रहे कि चीनी सैनिक फिंगर 4 से 8 के इलाके में बनाए गए निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर रहे हैं। झील के किनारों पर मौजूद दोनों देशों के सैनिकों के बीच 4-5 किलोमीटर का अंतर है, लेकिन पहाड़ और रिजलाइन पर तैनात सैनिक एक-दूसरे से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर हैं। यहां 14 जुलाई को कमांडर स्तर की बातचीत के बाद से स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।