सिर्फ नवरात्रि में ही खुलते हैं इस देवी मंदिर के कपाट, चीन युद्ध के समय हुआ था यहां चमत्कार

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इन दिनों लद्दाख के हालात ऐसे बने हुए हैं कि चारों ओर जंग की चर्चा हो रही है । ऐसे में चीन से भारत के 1962 वाला युद्ध एक बार फिर लोगों की जुबान में आना शुरू हो गया है। जहां एक ओर ये कहा जाता है कि उस समय दतिया के पीतांबरा पीठ से देवी मां खुद टेंक लेकर निकली और चीन के सैनिकों को ऐसी बीमारी हो गई कि उन्हें पीछे हटना पड़ा। वहीं देश में एक मंदिर ऐसा भी है जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां देवी मां ने ऐसी चादर फैलाई कि भारत- चीन के सन 1962 में लड़े युद्ध में चीन का एक भी बम यहां नहीं गिरा। दरअसल हम बात कर रहे हैं हिमाचल में बसे त्रिदेवी देशयु मंदिर कि यह एक ऐसा मंदिर है जो सिर्फ नवरात्रि पर ही खुलता है, जबकि बाकी समय वहां ताला लगा होता है। यहां दर्शन भी बाहर से ही करने होते हैं। इस मंदिर में अगर कोई जा सकता है तो वह हैं सिर्फ पुजारी या मंदिर के सेवक…

मंदिर के संबंध में बताया जाता है कि ये अति प्राचीन है और यह हिमाचल के पहाड़ों में स्थित है। देशयु में स्थित इस मंदिर में दर्शन करने के लिए भक्त 1300 सीढियां चढ़कर जाना होता है। जहा तक स्वयं के वाहन जाते हैं, यदि वहां तक भी वाहन से जाय जाए तो भी 700 सीढ़ियां कम यानि 600 सीढियां चढ़कर ही देवी के मंदिर तक पहुंचा जा सकता है|

यहां पांडवों ने की थी पूजा…
मान्यता के अनुसार अज्ञातवास के दौरान जब पांडव यहां आए थे तब उन्होंने यहां देवी की पिंडी रूप में पूजा की थी और कुछ समय बाद मूर्ति की स्थपना की थी। इस मंदिर में तीन देवियों की मूर्तियां स्थापित हैं, जिनमें एक है देवी चामुंडा , दूसरी लक्ष्मी और तीसरी हैं देवी सरस्वती। पांडव इन्हीं की पूजा किया करते थे।

वहीं इसी मंदिर के दूसरे सिरे पर शिव मंदिर है, जहां के संबंध में माना जाता है कि यहां भक्तों की मनोकामना पूर्ण होती है। जबकि बीच में देवी दुर्गा का मंदिर है जो कि साल में सिर्फ दो बार ही खोला जाता है वो भी केवल नवरात्रों में…

केवल नवरात्रों में खुलने का ये है राज
आस पास के गांव वालों के अनुसार पुजारी को देवी ने स्वप्न में दर्शन दिए और कहा कि मैं चाहती हूं मेरा मंदिर सिर्फ नवरात्रों में ही खोला जाए। लेकिन पुजारी द्वारा स्वप्न की बात नहीं मानी गई जिसके कारण वह कई रातों और कई दिनों तक परेशान रहा। आखिर उसने स्वप्न की बात पर यकीन कर मंदिर को ताला लगा दिया। जिसके बाद से कहा जाता है की इस त्रिदेवी देशयु मंदिर में जो भी मनोकामना मांगी जाती है वो पूरी हो जाती है।

चीन युद्ध में की थी देवी ने रक्षा
देशयु मंदिर की खास बात यह भी है कि भारत- चीन के सन 1962 में लड़े युद्ध में एक भी बम यहां नहीं गिरा, कहा जाता है सभी स्थानीय निवासियों ने मंदिर में जाकर देवी से मन्नत मांगी थी कि यहां कुछ भी बर्बाद या तबाह ना हो। जिसके बाद देवी ने स्वप्न में दर्शन देकर रक्षा करने का वचन दिया। माना जाता है इसके बाद देवी ने चादर फैलाकर एक भी बम यहां नहीं गिरने दिया। तभी से कहा जाता है कि देवी यहां हमेशा से दुखों को हरती है और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।

ऐसे पहुचें यहां…
दरअसल देशयु हिमाचल का एक गांव है, जो कि बेहद ही खूबसूरत पहाड़ियों में बसा है। इस स्थान पर शिमला से होते हुए पहुंचा जा सकता है। चंडीगढ़ से शिमला की दूरी 112 km है। ऐसे में यहां तक आसानी से ट्रैन, बस या प्राइवेट कार टैक्सी से पंहुचा जा सकता है, इससे आगे शिमला से फागु नामक स्थान 18 km दूर है, वहीं फागु से 2 km आगे जाने पर इस पावन स्थल के दर्शन होते है। यहां आस पास के गावों में होम स्टे की सुविधा भी है।