सपा विधायक पर कांग्रेस नेता ने लगाए फ्रॉड के आरोप, जवाब मिला- झूठ का पुलिंदा

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सोमवार को छतरपुर की राजनीति में आरोपों की आतिशबाजी हुई. सटई नगर परिषद की अध्यक्ष माया शर्मा के पति एवं कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव राजेश शर्मा ने शहर के एक होटल में पत्रकारवार्ता करते हुए बिजावर विधानसभा के सपा विधायक राजेश शुक्ला बब्लू पर एक करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोपों से जुड़ी एक शिकायत भी राजेश शर्मा के द्वारा एसपी और डीआईजी को दी गई है. उक्त आरोप एक सिविल काम करने वाली कंपनी जय मां कंस्ट्रक्शन की पार्टनरशिप से जुड़े हैं.

कांग्रेस नेता राजेश शर्मा ने कहा कि वर्ष 2010 में विधायक बब्लू शुक्ला सहित हम 6 लोगों ने जय मां कंस्ट्रक्शन नामक एक सिविल कंपनी का गठन किया था. उक्त कंपनी में राजेश शुक्ला सहित नवीन पांडे, बलवीर सिंह बुंदेला, पवन कुमार सोनी व राजेश शर्मा 15-15 प्रतिशत के पार्टनर थे जबकि वैदेहीशरण शर्मा 25 प्रतिशत के पार्टनर थे. विधायक बनने के बाद राजेश शुक्ला एवं अन्य लोगों की नियत बदल गई और उन्होंने मुझे 1.4.2019 को फर्जी तरीके से इस कंपनी से अलग कर दिया. उक्त कंपनी के द्वारा पिछले 9 वर्षों में लगभग 40 करोड़ रुपये के निर्माण ठेके लिए गए. इस हिसाब से कंपनी के पास पैसा था, वाहन और संपत्ति भी थे. उक्त लगभग 1 करोड़ रुपये की संपत्ति सभी पार्टनर्स के द्वारा छल से हड़प कर ली गई है.

विधायक बब्लू शुक्ला एवं अन्य साझेदारों के द्वारा एक संशोधित फर्म बनाकर एक नया खाता खुलवा लिया गया जिसमें पिछले निर्माण कार्यों का भुगतान हड़प लिया है. नई कंपनी के गठन के समय यह बताया गया कि राजेश शर्मा के द्वारा स्वेच्छा से कंपनी से इस्तीफा दिया गया है जबकि मैंने आज तक कोई इस्तिफा नहीं दिया है. कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर मुझे उक्त कंपनी से बेदखल कर बर्बाद कर दिया गया और कंपनी के कार्यों के लिए लिया गया लगभग 31 लाख का कर्ज मेरे सिर पर डाल दिया गया है. राजेश शुक्ला बब्लू विधायक ने इसलिए प्रशासन भी उनके विरुद्ध की गई शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं बब्लु शुक्ला के घर के बाहर आमरण अनशन करूंगा.

सोमवार को दोपहर 12 बजे कांग्रेस नेता राजेश शर्मा के द्वारा सपा विधायक राजेश बब्लू शुक्ला के विरुद्ध धोखाधडी के आरोप लगाए गए. सोशल मीडिया पर खबर फैलते ही शाम 4 बजे विधायक बब्लू शुक्ला भी छतरपुर आकर मीडिया से रूबरू हुए. उन्होंने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राजेश शर्मा स्वेच्छा से कंपनी छोड़ चुके हैं और यदि उन्हें लगता है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है तो वे कंपनी एवं फर्म के मामले देखने वाली संस्था अथवा न्यायालय की शरण में जा सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया बल्कि मुझे बदनाम करने के लिए मीडिया के सामने झूठे आरोप लगाए.

शुक्ला ने कहा कि राजेश शर्मा की पत्नि माया शर्मा सटई नगर परिषद अध्यक्ष है. उनके कार्यकाल में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार सटई परिषद में किया गया है. मैंने परिषद में हुए भ्रष्टाचार के मामले में शासन को उच्च स्तरीय शिकायत की है. इस शिकायत के आधार पर उनके भ्रष्टाचार के खुलने का डर है और उनकी पत्नी जेल जा सकती हैं. इसी बात की बौखलाहट के चलते वे मेरी छवि खराब करने हेतु झूठे आरोप लगा रहे हैं.