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शहीद नसीर अहमद के भाई ने दिया ऐसा बयान, गर्व से चौड़ा हो गया हिंदुस्तान

हर इंसान अपनी ज़िन्दगी में स्ट्रगल कर रहा है, कोई भी हो सभी लोग किसी न किसी तरह से देश के लिए काम करते हैं लेकिन एक सैनिक ही ऐसा नागरिक होता है जो देश के लिए जान देने को भी तैयार होता है. हाल ही में हुए पुलवामा आतं’की हम’ले में 40 जवान शहीद हो गए. भारत के लिए जान देने वाले शूरवीरों में एक नाम मुहम्मद नसीर अहमद का भी है. CRPF जवान नसीर अहमद और उनके साथियों की शहादत पूरे देश के लिए मिसाल बनी है. जवानों के परिवार के लिए सरकार और देश साथ खड़ा नज़र आ रहा है.

मोहम्मद नसीर अहमद राजोरी दोदासनबाला तहसील थन्नामंडी के रहने वाले थे. नसीर के परिवार को उनकी शहादत पर गर्व है. उनके भाई ने इस बारे में बयान देते हुए कहा है कि नसीर के चले जाने से पूरा इलाक़ा ग़म-गीन है. ग़म के सैलाब के साथ गाँव के लोगों को उनकी शहादत पर गर्व भी है.नसीर के बारे में उनके जानने वाले बताते हैं कि उन्होंने काफ़ी संघर्ष किया. बचपन से ही उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा. जब वो 7 वर्ष के थे तभी उनके पिता इस दुनिया से चले गए.

उल्लेखनीय है कि उनके बड़े भाई सिराजुद्दीन पुलिस में भर्ती हो गए थे और उनका ख्व़ाब था कि छोटा भाई सिविल की नुक्ती करें. सिराज बताते हैं कि नसीर उनकी बहुत इज़्ज़त करते थे. नसीर बचपन से ही देश की सेवा करना चाहते और इसी वजह से उन्होंने CRPF ज्वाइन की.

सिराज कहते हैं कि नसीर को पूरा गाँव बहुत मानता था. सिराज ने ग़म के इस माहौल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि ऐसे मामलों को ख़त्म करने के लिए जल्द से जल्द कोई कदम उठायें. आपको बता दें कि नसीर अपने पीछे पत्नी, सात साल की बेटी और और चार साल का बेटे को छोड़ गए हैं. नसीर की वीर-गाथा हम सभी के लिए सम्मान की बात है. देश को नसीर पर गर्व है.

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