शर्मनाक : जिस कोरोना केयर सेंटर में जल मरे 11 मरीज, वहां हो रहा था ये ‘गंदा’ खेल !

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हैदराबाद :  रविवार सुबह आंध्र के विजयवाड़ा में एक कोविड केयर सेंटर में आग लग गई। इसमें 11 कोविड मरीजों की मौत हो गई। यह कोविड केयर सेंटर स्‍वर्ण पैलेस नाम के होटल में चल रहा था। होटल में 31 मरीज रखे गए थे, जिनसे रहने खाने के लिए हर रोज 5 हजार रुपये लिए जा रहे थे। असल में, कोरोना संक्रमण फैलने के बाद होटलों को कोविड केयर सेंटर में बदलने बिजनेस अब जोरों पर है।

स्‍वर्ण पैलेस विजयवाड़ा के 43 होटलों में से एक है जिन्‍हें प्राइवेट अस्‍पतालों ने कोरोना मरीजों को रखने के लिए लीज पर लिया है।इनमें से 18 बड़े और 25 छोटे होटल हैं। विशाखापट्टनम में इसी तरह 30 छोटे-बड़े होटलों को कोरोना केयर सेंटर में तब्‍दील किया गया है।

लॉकडाउन की मंदी को तेजी में बदला
आंध्र प्रदेश में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ा और यहां के होटल इसके दुष्‍प्रभाव से बच नहीं सके। लेकिन अब आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्‍य तेलंगाना में ‘कोविड केयर सेंटर’ के रूप में इनका व्‍यवसाय फिर से फलफूल रहा है। इनमें ऐसे सैकड़ों लोगों की देखभाल की जा रही है जो यहां रहकर इलाज कराने या क्‍वारंटीन की सुविधा का खर्च उठा सकते हैं।

फाइव स्‍टार पैकेज हैं मरीजों के लिए
एक अख़बार में छपी रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना सुपर स्‍पेशिएलिटी हॉस्पिटल्‍स असोसिएशन के एक अधिकारी ने बताया, ‘यहां रहने का पैकेज प्रति रोगी 1500 रुपये प्रतिदिन से शुरू होता है। होटल की क्‍वॉलिटी के अनुसार यह महंगा होता जाता है। स्‍टार होटल तो 5 से 8 हजार रुपये प्रतिदिन तक वसूल रहे हैं। यह केवल रहने-खाने का खर्च है। इलाज का खर्च अस्‍पताल अलग से वसूलते हैं और यह सब अडवांस में देना पड़ता है।’

मनमानी कीमत… तेलंगाना के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने भी माना
तेलंगाना के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ई राजेंद्र ने कहा कि कुछ मामलों में देखा गया है कि ऐसे प्राइवेट अस्‍पताल, जिन्‍होंने होटलों के साथ टाइअप किया है वह ‘कोविड-19 पैकेज’ नाम पर बहुत ज्‍यादा पैसे वसूल रहे हैं।’ आंध्र और तेलंगाना सरकारों ने प्राइवेट अस्‍पतालों में कोरोना के इलाज की कीमत पर तो नियंत्रण लगाया है लेकिन मरीजों को ठहराने वाले होटलों की मनमानी कीमतों पर पर किसी ने भी रोक नहीं लगाई है।

विजयवाड़ा में तो कुछ होटल वालों ने तो नारायणा और चैतन्‍य ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टिट्यूशंस को ऑफर दिया है कि वे अपने कॉलेज और हॉस्‍टल किराए पर दे दें ताकि वहां कोरोना मरीजों को रखा जा सके।

‘व्‍यापार बन गए हैं कोविड केयर सेंटर’
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ए कृष्णा श्रीनिवास का कहना है, ‘कोविड -19 होटल एक आकर्षक व्यवसाय बन गया है। निजी अस्पताल मरीजों के डर का फायदा उठाकर उन्हें कोविड पैकेज देने के नाम पर मोटी रकम वसूलकर शोषण कर रहे हैं। सरकार के कोविड सेंटरों में और अस्पतालों में अच्छी सुविधाओं और मुफ्त इलाज की व्यवस्था के बावजूद, बहुत से लोगों ने डर से बाहर निजी अस्पतालों को प्राथमिकता दी है। अस्पताल इसका फायदा उठा रहे हैं।’

डॉक्‍टर कर रहे आरोपों से इनकार
वहीं आंध्र प्रदेश प्राइवेट हॉस्पिटल ऐंड नर्सिंग होम्‍स असोसिएशन के सचिव डॉ. पी श्रीनिवास इस बात से इनकार करते हैं कि अस्‍पताल ज्‍यादा पैसे वसूल रहे हैं। वह कहते हैं कि विजयवाड़ा और दूसरे शहरों के प्राइवेट अस्‍पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड ही नहीं बचे हैं। श्रीनिवास ने यह भी कहा कि कोई भी अस्‍पताल ज्‍यादा कीमत नहीं वसूल कर रहा है।