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वोटिंग से ठीक पहले तेजस्वी का जातीय बयान, अपने अंदाज में पेश किए लालू वाला ‘भूरा बाल’ !

बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले इशारों-इशारों में जातिवाद का कार्ड उछाला जाने लगा है। शुरुआत की है महागठबंधन की ओर से सीएम उम्मीदवार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने। बिहार के रोहतास में एक चुनाव सभा के दौरान उन्होंने कहा कि जब लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) का राज था तो गरीब सीना तान के राजपूतों के सामने चलते थे। उन्होंने आगे ये भी कहा कि हमारी सरकार आएगी तो हम सब लोगों को साथ लेकर चलेंगे। जो अपराध करेगा उसे सजा मिलेगी, जो कर्मचारी काम करेंगे उन्हें सम्मान मिलेगा।

चुनावी सभा में तेजस्वी का ये कैसा बयान
बिहार की राजनीति जातीय समीकरण पर टिकी हुई है इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता। अगर देखा जाए तो अभी भी बिहार का चुनाव लोगों को जाति के नाम पर इमोशनल ब्लैकमेल करके जीता जाता है। ऐसा ही कुछ बिहार के रोहतास स्थित डिहरी विधानसभा क्षेत्र में नजर आया। जहां अपने प्रत्याशी फतेह बहादुर के लिए जनसभा करने पहुंचे आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कुछ ऐसी बात कही, जिससे नया विवाद शुरू हो सकता है। 

‘जब लालू यादव का राज था तो गरीब सीना तान के राजपूतों के सामने चलते थे’
तेजस्वी यादव ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जब लालू यादव का राज था तो गरीब सीना तान के राजपूतों के सामने चलते थे। तेजस्वी यादव की टिप्पणी ने डिहरी विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान में सियासी भूचाल ला दिया है। तेजस्वी के भाषण में सवर्णों का विरोध साफ दिखाई पड़ता है। ऐसे में देखना होगा कि तेजस्वी यादव के राजपूत विरोधी भाषण उन्हें और उनके डिहरी प्रत्याशी फतेह बहादुर सिंह को कितना नुकसान पहुंचा सकते हैं?

तेजस्वी के बयान का क्या होगा चुनाव पर असर
बता दें कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी एक जमाने में कहा था कि ‘भूरा बाल’ साफ करो, यानि भूमिहार, राजपूत ,ब्राह्मण, लाला को खत्म करो। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने भी कुछ इसी अंदाज में रोहतास की इस चुनावी सभा के दौरान अगड़ी जाति के बारे में टिप्पणी की है। हालांकि, उन्हें शायद इस बात का अहसास हो गया यही वजह है कि जल्दी ही उन्होंने बात को संभालते हुए कहा कि हमारी सरकार आएगी तो हम सबको साथ लेकर चलेंगे।


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