विकास दुबे ने कर दी थी जुल्मों की इंतेहा, अंगूठा लगवाने के लिए काट लिया था अंगूठा

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कानपुर. हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) की हत्या से आज उन कई परिवारों को शांति मिली है, जिन पर इस गैंगस्टर ने जुल्म ढाए थे। अपराध की दुनिया में जाना माना नाम रहे विकास दुबे (Vikas Dubey Crime) ने जीवित रहते अपने गांव बिकरू के लोगों की जिंदगी नरक कर दी थी। यह बात खुद वहां के लोगों से स्वीकारी है।कानपुर शहर से 35 किलोमीटर दूर यह गांव पहले पुलिस वालों की हत्या और फिर गैंगस्टर विकास दुबे की हत्या से चर्चा में है। विकास दुबे की मौत के बाद यहां पुलिस की मुस्तैदी बढ़ गयी है। 150 से ज्यादा जवान और अफसर तैनात हैं। । चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। इस बीच लोगों से विकास दुबे और उसके कारनामों को लेकर अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।

अंगूठा लगवाने के लिए अंगूठा ही काट दिया

गांव के लोगों ने बताया कि विकास के अंदर दर्द नहीं था। वह केवल अपना फायदा देखता था। बात 1999 की है जब विकास ने जमीन हथियाने के लिए गांव के ही झन्नू बाबा का अंगूठा काट दिया था। गांव वालों ने बताया कि बाबा कि बिठूर में बाबा के पास जनीन थी जिसे विकास दुबे हथियाना चाहता था। बाबा ने यहां कुछ जेवरात दबा रखे थे। जमीन के लिए पेपर्स पर सिग्नेचर के लिए उसे बाबा के अंगूठे की जरूरत थी लेकिन बाबा उसे अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे। उसने पेपर पर अंगूठा लगवाने के लिए बाबा का अंगूठा ही काट दिया था।

प्रॉपर्टी को विवादित बनाकर खरीदने बेचने में माहिर

विकास दुबे प्रॉपर्टी को विवादित बनाकर उसे खरीदने बेचने में माहिर था। गांव के लोगों ने बताया कि जो बेहतरीन दाम वाली जमीन होती थी, वह चाहे किसी के भी नाम पर हो विकास दुबे उस पर अपना बोर्ड लगवा देता था। इसके बदले मालिक को डरा धमका कर विकास पैसे वसूलता था। जमीन बेचकर मोटी रकम कमाता था।

20 हजार के लिए केबल ऑपरेटर की हत्या

विकास दुबे के कारनामों से पूरा गांव परिचित है। मगर खौफ की वजह से किसी की उसके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत नहीं हुई। बात छोटी हो या बड़ी, विकास दुबे अपना हर कान लोगों को डरा धमका कर और अगर इससे भी बात वन बने, तो उन्हें मार कर पूरा करता था। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है जब महज 20 हजार रुपयों के लिए विकास दुबे ने केबल ऑपरेटर दिनेश की हत्या कर दी थी।